500% जीत पक्की, पटना की सड़कों पर अनंत सिंह का ऐसा शक्ति प्रदर्शन कि थर-थर कांप उठे विरोधी खेमे
बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव की सरगर्मियों के बीच राजधानी पटना की सियासी फिजा पूरी तरह गरमा गई है। गुरुवार को जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के नामांकन के दौरान उस वक्त हलचल मच गई, जब मोकामा के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता 'छोटे सरकार' यानी अनंत सिंह उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खुली जीप में सवार दिखे।
समर्थकों के विशाल हुजूम, ढोल-नगाड़ों और गगनभेदी नारों के बीच अनुज सिंह ने अपना पर्चा दाखिल किया। इस दौरान अनंत सिंह का पुराना आक्रामक तेवर देखने को मिला, जहां उन्होंने अपने प्रत्याशी की जीत का दावा करते हुए विरोधी खेमे को खुली चुनौती दे डाली।
500 परसेंट जीत का दावा, जनता को बताया असली मालिक
नामांकन के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए अनंत सिंह पूरे आत्मविश्वास में नजर आए। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में अनुज सिंह की जीत कोई नहीं रोक सकता और उन्हें 500 प्रतिशत जीत की पक्की उम्मीद है। बाहुबली नेता ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि जनता ही उनकी असली मालिक और भगवान है। उन्होंने कहा कि चुनाव कोई दुकान से खरीदी जाने वाली चीज नहीं है, जब जनता का साथ होता है तो जीत अपने आप सुनिश्चित हो जाती है। जनता के फैसले पर उन्हें पूरा भरोसा है और परिणाम आने पर विरोधियों के सारे भ्रम दूर हो जाएंगे।
नीरज कुमार पर सीधा वार, पुराने विवादों का किया जिक्र
एनडीए उम्मीदवार और जदयू नेता नीरज कुमार की उम्मीदवारी पर पूछे गए सवाल पर अनंत सिंह बुरी तरह बिफर पड़े। उन्होंने कहा कि चुनावी मैदान में बहुत से चेहरे उतरते हैं, लेकिन बाकी सभी प्रत्याशियों की हार तय है। उन्होंने याद दिलाया कि नीरज कुमार ने चार चुनावों में उनके विरुद्ध खुलकर काम किया था।
अनंत सिंह ने यह भी आरोप दोहराया कि नीरज कुमार आरसीपी सिंह गुट के करीबी रहे हैं, जिसने मोकामा स्थित उनके पैतृक घर में हथियार और विस्फोटक रखवाकर उनके विरुद्ध बड़ी साजिश रची थी। गौरतलब है कि साल 2015 में नीतीश कुमार से मतभेद के बाद अनंत सिंह ने जदयू का दामन छोड़ दिया था और निर्दलीय चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित की थी। दोनों नेताओं के बीच की यह पुरानी अदावत आज तक खत्म नहीं हो सकी है।
पटना स्नातक सीट पर सियासी घमासान, बंटे 50 हजार रसगुल्ले
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार निरंतर चौथी बार चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं अनंत सिंह द्वारा जनसुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में खुलकर उतरने से मुकाबला बेहद कड़ा और दिलचस्प हो गया है। अनंत सिंह का कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल या चुनाव चिन्ह का चुनाव नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत साख और जनता के विश्वास की लड़ाई है। शक्ति प्रदर्शन की तैयारी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नामांकन से ठीक एक दिन पहले पटना स्थित अनंत सिंह के आवास पर हलवाइयों ने डेरा डाल रखा था, जहां नामांकन के उपलक्ष्य में समर्थकों के बीच बांटने के लिए 50 हजार रसगुल्ले तैयार कराए गए थे।