भीषण उमस के बीच तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का अलर्ट, जानें आपके जिले में कब होगी मानसूनी फुहारें
पिछले कुछ समय से रिकॉर्डतोड़ गर्मी और उमस की दोहरी मार झेल रहे झारखंड के वासियों के लिए मौसम विभाग की ओर से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आ रही है। राजधानी रांची समेत राज्य के आधे से अधिक हिस्से में सूरज की तपिश के बीच अब मौसम करवट लेने के लिए पूरी तरह तैयार है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि राज्य के कई इलाकों में आसमान में गरज-चमक के साथ काले बादल छाने, धूल भरी तेज हवाएं चलने और वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की प्रबल आशंका है। हालांकि, बीते बुधवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्के बादलों की आवाजाही के बीच धूप खिली रही, जिससे दिन के समय उमस का ग्राफ काफी बढ़ गया था।
तापमान में भारी उछाल से बढ़ी उमस, मेदिनीनगर 41 डिग्री के साथ रहा सबसे गर्म
झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा, लेकिन न्यूनतम तापमान में अचानक चार डिग्री सेल्सियस तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वजह से रात के समय भी लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान चार डिग्री चढ़कर 24.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में राज्य का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, पलामू का मेदिनीनगर इलाका 41.0 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ पूरे झारखंड में सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया।
समझिए मौसम का पूरा गणित: क्यों आ रही हैं ठंडी और नम हवाएं
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय देश के वायुमंडल में दो बड़े सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्र के ऊपर एक मजबूत साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) बना हुआ है। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश के ऊपर बने एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन से लेकर दक्षिण भारत के तमिलनाडु तक एक लो-प्रेशर ट्रफ लाइन गुजर रही है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण बंगाल की खाड़ी से लगातार नम और ठंडी हवाओं का झारखंड में प्रवेश जारी है, जो यहां के बादलों को बारिश में बदलने के लिए मजबूर कर रही हैं।
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद की चेतावनी: अगले 4 दिन बेहद संवेदनशील
झारखंड के बदलते मौसम पर विस्तृत जानकारी साझा करते हुए प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राजधानी रांची समेत राज्य के अधिकांश जिलों में अगले चार दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस समयावधि के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अचानक मौसम बिगड़ सकता है और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान वे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
मानसून से पहले रांची नगर निगम अलर्ट, नगर आयुक्त ने दिए नालों की सफाई के सख्त निर्देश
राज्य में प्री-मानसून की आहट और आगामी मानसूनी बारिश को देखते हुए रांची नगर निगम (RMC) भी पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। शहर को जलजमाव (वाटर लॉगिंग) की पुरानी और गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। नगर आयुक्त ने अभियंत्रण शाखा के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि वे तकनीकी समिति के साथ मिलकर शहर के सभी संवेदनशील इलाकों का भौतिक निरीक्षण करें। उन्होंने साफ कहा कि बारिश का सीजन पूरी तरह शुरू होने से पहले जल निकासी की व्यवस्था, आउटलेट और नालियों की स्थिति को दुरुस्त कर लिया जाए ताकि जनता को परेशानी न हो।
रांची के ये 14 संवेदनशील इलाके हुए चिन्हित, पर्यावरण दिवस पर लगेगा पौधों का महालंगर
नगर निगम की बैठक में शहर के उन 14 सबसे संवेदनशील और जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों की सूची तैयार की गई है, जहां बारिश के दौरान सबसे पहले पानी भरता है। इन इलाकों में वार्ड संख्या एक की जगतपुरम कॉलोनी, टिंबर लेन, सेवा सदन क्षेत्र, एराम मस्जिद क्षेत्र, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, गुरु नानक स्कूल के आसपास का इलाका, साकेत विहार, कटहल कोचा, कुम्हार टोली, पंचशील नगर, हलदर प्रेस गली, वाईएमसीए क्षेत्र, मौलाना आजाद कॉलोनी और गौस नगर-कांटाटोली शामिल हैं। इन सभी जगहों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही, विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर निगम द्वारा जयपाल सिंह स्टेडियम, जगन्नाथपुर तालाब, नर्सरी तालाब और सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में वृहद पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक वार्ड पार्षद को अपने क्षेत्र में कम से कम 50 पौधे लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।