चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का झारखंड में दिखेगा असर, 4 जिलों में बारिश का अलर्ट; जानें मौसम का ताजा मिजाज
चक्रवाती तूफान 'मुरासु' अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है और करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी गति से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस चक्रवाती सिस्टम के असर से बुधवार को झारखंड के दक्षिणी इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है और कई हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम केंद्र ने विशेष रूप से राज्य के चार प्रमुख दक्षिणी जिलों पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आगे बढ़ते हुए यह चक्रवाती तूफान मंगलवार दोपहर तक 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और 100 किमी प्रति घंटे के झोंकों के साथ सक्रिय रहा। हालांकि, मंगलवार आधी रात तक यह और ज्यादा कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र (डीप डिप्रेशन) में तब्दील हो जाएगा। इस दौरान हवा की रफ्तार घटकर 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास सिमटने का अनुमान है, जिससे भारी तबाही का खतरा काफी हद तक टल चुका है।
पिछले 24 घंटों के दौरान झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में पारे का मिला-जुला असर देखने को मिला। पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे गर्म रहा। वहीं, लातेहार में पारा लुढ़ककर 16.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सबसे ठंडा इलाका साबित हुआ। राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों में सुबह के वक्त घने बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर बाद धूप खिलने से आंशिक बादलों के बीच हल्की गर्मी और उमस का एहसास बना रहा। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो रांची का अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री और न्यूनतम 20.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि जमशेदपुर में अधिकतम 29.4 और न्यूनतम 23.6 डिग्री, डाल्टनगंज में अधिकतम 30.2 और न्यूनतम 21.1 डिग्री, बोकारो में 30.1 और 22.1 डिग्री तथा चाईबासा में पारा 28.8 और 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।