यूपी के 8 जिलों को बड़ा तोहफा! 116 करोड़ की लागत से बनेंगे 10 नए पुल, योगी सरकार ने जारी किया बजट
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के आठ प्रमुख जिलों में आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 10 नए छोटे-बड़े पुलों के निर्माण को हरी झंडी दे दी गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की देखरेख में बनने वाली इन सभी ढांचागत परियोजनाओं पर कुल 116.42 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सरकार ने परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी देने के साथ ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू करने के लिए बजट की पहली किस्त भी आवंटित कर दी है।
इन जिले वाले लोगों को होगा फायदा
परियोजना के तहत बलरामपुर, प्रतापगढ़, महोबा, फतेहपुर और पीलीभीत जिलों में नदियों के ऊपर पांच बड़े पुल बनाए जाएंगे। बलरामपुर में हरिहरगंज-तलिया बनकटवा मार्ग पर पुल और पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 10.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, प्रतापगढ़ में पूरे गोसाईं-सरूआ मार्ग पर सई नदी पर 20.44 करोड़ रुपये की लागत से नया पुल आकार लेगा। महोबा के कबरई-रिवई मार्ग पर चंद्रावल नदी पर 23.12 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि फतेहपुर जिले के खूटा-गढ़ी संपर्क मार्ग पर रिंद नदी में 22.93 करोड़ रुपये से पुल का निर्माण होगा। पीलीभीत के शीतलपुर-फागुनीहाई मार्ग पर खन्नौत नदी में पुराने संकरे पुल की जगह 21.31 करोड़ रुपये से नया और चौड़ा पुल तैयार किया जाएगा।
इन पांच बड़े पुलों के अलावा पांच अन्य रणनीतिक छोटे पुलों का भी निर्माण कराया जाएगा। इनमें अमेठी जिले के जामो ब्लॉक अंतर्गत नौडाह और आदिलपुर गांव को जोड़ने वाला संपर्क पुल, फतेहपुर में जोनिहा-धारूपुर संपर्क मार्ग पर नहर के ऊपर बनने वाला पुल और अंबेडकर नगर के मोतनापुर गांव में नाले पर बनने वाला पुल शामिल है। इसके अतिरिक्त, देवरिया जिले के विशुनपुरा बाजार से सुराजी टोला के बीच बरसाती नाले पर पुल व अप्रोच रोड बनेगी और पीलीभीत के दिलावरपुर-चंदौल मार्ग पर नया आरसीसी पुल तैयार किया जाएगा।
इन 10 नए पुलों के बन जाने से संबंधित जिलों के दर्जनों गांवों की लाखों आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। बारिश और बाढ़ के मौसम में नदियों व बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने से जो रास्ते महीनों बंद हो जाते थे, उस समस्या का स्थाई समाधान होगा। इससे किसानों को अपनी फसलें नजदीकी मंडियों तक ले जाने, स्कूली बच्चों को आवागमन करने और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर जिला अस्पतालों तक पहुंचाने में बड़ी राहत मिलेगी।