गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज पर कई राज्यों में सरकारी और निजी स्कूल रहेंगे बंद

गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज पर कई राज्यों में सरकारी और निजी स्कूल रहेंगे बंद

देशभर में सितंबर का महीना धार्मिक त्यौहारों, सांस्कृतिक आयोजनों और राष्ट्रीय पर्वों का महीना माना जाता है, जिसके कारण इस दौरान शिक्षण संस्थानों में छुट्टियों की भरमार रहती है। हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और हिंदी दिवस जैसे प्रमुख अवसरों पर देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य सरकारी शैक्षणिक संस्थानों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। हरतालिका तीज का पर्व मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे उत्तरी और मध्य भारतीय राज्यों में बेहद आस्था और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन महिलाओं और छात्राओं के व्रत तथा धार्मिक अनुष्ठानों को ध्यान में रखते हुए संबंधित राज्य सरकारों ने स्थानीय स्तर पर प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है। इसी प्रकार, भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव यानी गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात और गोवा जैसे राज्यों में भव्य सार्वजनिक उत्सव आयोजित किए जाते हैं। इन राज्यों में गणेश चतुर्थी पर बड़े पैमाने पर सार्वजनिक अवकाश रहता है, जिससे छात्र-छात्राएं और शिक्षक परिवार के साथ इस पावन पर्व का आनंद ले सकें। अभिभावकों और विद्यार्थियों को यह सलाह दी जाती है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के स्थानीय सरकारी आदेशों और जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक अधिसूचनाओं का अवलोकन अवश्य कर लें ताकि किसी भी तरह के भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

हिंदी दिवस पर शैक्षणिक संस्थानों में होंगे विशेष कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं

14 सितंबर को देशभर में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर अधिकांश राज्यों में नियमित पठन-पाठन का कार्य स्थगित रहता है या फिर स्कूलों में विशेष सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। हिंदी दिवस भारत की मातृभाषा और राजभाषा के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक बेहद महत्वपूर्ण दिन है, इसलिए इस दिन कई राज्यों में आधिकारिक रूप से छुट्टी न होकर स्कूलों में छात्रों के लिए उपस्थिति अनिवार्य की जाती है ताकि वे आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले सकें। इस विशेष दिन पर विद्यालयों में वाद-विवाद प्रतियोगिता, निबंध लेखन, स्वरचित काव्य पाठ, भाषण प्रतियोगिता और हिंदी साहित्य से जुड़े विभिन्न रोचक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। हालांकि, कुछ राज्यों में यदि यह दिन किसी अन्य धार्मिक या क्षेत्रीय त्यौहार के साथ पड़ता है या फिर किसी जिले में स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है, तो वहां पूर्ण रूप से बंद का आदेश लागू हो सकता है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर के कई प्रमुख बोर्डिंग और निजी विद्यालयों में इस दिन केवल आधा दिन यानी हाफ-डे क्लास चलाई जाती है और बाकी समय सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए आरक्षित रखा जाता है।

राज्यवार छुट्टियों की पूरी लिस्ट और स्थानीय जिला प्रशासन के निर्देश

अलग-अलग राज्यों के त्यौहारों और स्थानीय मान्यताओं में भिन्नता होने के कारण स्कूल बंद रहने की तिथियां भी राज्यों के हिसाब से अलग-अलग तय की गई हैं। महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा में गणेश चतुर्थी के अवसर पर एक दिन से लेकर डेढ़ दिन तक का पूर्ण सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, जबकि कई बड़े निजी संस्थानों ने गणेशोत्सव के पहले और दूसरे दिन भी छुट्टियां दी हैं। वहीं दूसरी ओर, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश में हरतालिका तीज के पावन अवसर पर विशेष रूप से महिला शिक्षिकाओं और छात्राओं के लिए अवकाश की घोषणा की गई है, जिसके तहत कई जिलों में कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के सभी सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालय पूरी तरह बंद रखे जाएंगे। दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी विनायक चतुर्थी के दिन सभी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटीज और सरकारी कार्यालय बंद रहने की आधिकारिक पुष्टि की गई है। इसके अलावा, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों में स्थानीय त्योहारों के आधार पर संबंधित जिलाधिकारियों को छुट्टियां घोषित करने के विशेषाधिकार दिए गए हैं।

अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश और सलाह

त्यौहारों के इस व्यस्त मौसम में छुट्टियों की लगातार बदलती तारीखों और स्थानीय अवकाशों को लेकर अक्सर अभिभावकों और छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति बन जाती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए छात्रों और अभिभावकों को अपने-अपने विद्यालयों के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप, स्कूल नोटिस बोर्ड, मोबाइल एप्लीकेशन या विद्यालय प्रशासन द्वारा भेजे गए आधिकारिक सर्कुलर पर ही भरोसा करना चाहिए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी छुट्टियों की खबरों और पुरानी सूचियों पर बिना पुष्टि के विश्वास न करने की सलाह दी जाती है। यदि किसी राज्य में भारी बारिश या अन्य प्राकृतिक कारणों से त्यौहारों के अलावा अतिरिक्त छुट्टियां बढ़ाई जाती हैं, तो उसकी जानकारी भी संबंधित जिलाधिकारी (DM) कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से ही मान्य होगी। इसलिए अपने बच्चे को स्कूल भेजने से पहले संबंधित शैक्षणिक संस्थान के व्हाट्सएप संदेशों और सूचना पत्रिकाओं की जांच अवश्य कर लें ताकि समय और श्रम दोनों की बचत हो सके।