बाजार की तरह नीलाम हुए सरकारी पद! 25 लाख में FRO और 35 लाख में ACF, इस महाघोटाले ने खोली सिस्टम की पोल
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फेरने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। सीआईडी की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी अभय तिवारी ने पूछताछ में पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी है। राज्य में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (एफआरओ) और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (एसीएफ) जैसे अहम पदों को किसी बाजार की तरह नीलाम किया जा रहा था। इस बड़े खेल में बीस उम्मीदवारों से करीब पौने छह करोड़ रुपये की मोटी रकम वसूली गई थी।
अफसर बनने की लगी करोड़ों की बोली
जांच में यह साफ हो गया है कि सरकारी पदों का एक फिक्स रेट तय था। एफआरओ बनने का सपना देखने वालों से 20 से 25 लाख रुपये वसूले गए। वहीं एसीएफ के ऊंचे पद के लिए 30 से 35 लाख रुपये का रेट चल रहा था। दलालों के इस मजबूत नेटवर्क ने कुल बीस लोगों के साथ सौदेबाजी की जिसमें बारह एफआरओ और आठ एसीएफ के अभ्यर्थी शामिल थे। इस सेटिंग का नतीजा यह रहा कि पैसे देने वाले 19 लोग आसानी से अफसर बन गए और केवल एक व्यक्ति फेल हुआ। हैरानी की बात तो यह है कि पैसे देकर पास होने वालों में से दो उम्मीदवार खुद भी जेपीएससी के दलाल थे।
क्या पूर्व अध्यक्ष के दबाव में जारी हुआ था रिजल्ट?
इस महाघोटाले की आंच जेपीएससी के ऊंचे पदों पर बैठे लोगों तक भी पहुंच रही है। सीआईडी ने जब उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता से सवाल किए तो उन्होंने सारा ठीकरा तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांगते पर फोड़ दिया। श्वेता का दावा है कि वे नतीजे घोषित करने के हक में बिल्कुल नहीं थीं। लेकिन तत्कालीन अध्यक्ष ने उन पर दबाव बनाया कि पीटी और मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर हर हाल में रिजल्ट निकाला जाए।
होटल कारोबार की आड़ में दलाली का खेल
अभय तिवारी की कहानी किसी शातिर अपराधी जैसी है। उसने उमेश कुमार नाम के साथी के साथ मिलकर दस लाख की पूंजी से 'स्वीट एंड स्पाइस' होटल शुरू किया था। इस काम के लिए सुधीर प्रसाद नाम के शख्स को पांच लाख रुपये दिए गए थे। इसके बाद दोनों ने स्टेशन रोड पर 'प्रकाश रेसिडेंसी' नाम का एक और होटल लिया। इसी बीच अभय ने जेएसआर एजेंसी नाम से एक मैनपावर कंपनी शुरू की। इसी कंपनी की आड़ में दिल्ली के शैंटी और कोडरमा के लालू के जरिए उसने परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के सतपाल सिंह और रामवीर सिंह से संपर्क साधा। इस पूरी परीक्षा सेटिंग में अभय का दस प्रतिशत कमीशन तय किया गया था।