धनबाद में भारी बारिश का कहर: झिलिया नदी का जलस्तर बढ़ने से टूटा अस्थायी डायवर्सन, कुमारधुबी मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप
झारखंड (Jharkhand) के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद (Dhanbad) में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश की वजह से क्षेत्र की प्रमुख झिलिया नदी का जलस्तर अचानक खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। नदी के तेज बहाव और पानी के भारी दबाव के कारण चिरकुंडा-कुमारधुबी मुख्य मार्ग को जोड़ने वाला अस्थायी डायवर्सन (Temporary Diversion) पूरी तरह बह गया है। इस हादसे के बाद से दोनों ओर का संपर्क पूरी तरह कट गया है और मार्ग पर वाहनों का आवागमन शत-प्रतिशत बंद हो चुका है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पुल निर्माण के लिए बना था डायवर्सन, पानी के तेज बहाव में तिनके की तरह बहा
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस मार्ग पर एक स्थाई पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते राहगीरों और वाहनों के गुजरने के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक वैकल्पिक अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था। मंगलवार देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के बाद पहाड़ी नदियों से आए अतिरिक्त पानी ने झिलिया नदी को उफान पर ला दिया। सुबह होते-होते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि मिट्टी और मलबे से बना यह डायवर्सन भरभरा कर नदी में विलीन हो गया। गनीमत रही कि जब यह हादसा हुआ, उस समय कोई वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
कुमारधुबी-चिरकुंडा मार्ग पर लगा लंबा जाम, हजारों यात्री और गाड़ियां फंसीं
यातायात ठप और प्रशासन की अपील: डायवर्सन टूटने की खबर फैलते ही सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। कोयला ढुलाई करने वाले भारी ट्रकों के साथ-साथ दैनिक यात्रियों, एम्बुलेंस और स्कूली बसों के पहिए भी थम गए हैं। धनबाद जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला है। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से टूटे हुए रास्ते के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दी है ताकि कोई भी व्यक्ति जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की कोशिश न करे। प्रशासन ने आम जनता से इस रूट का इस्तेमाल न करने और वैकल्पिक रास्तों से होकर जाने की अपील की है।
हर साल मानसून में बनती है यही स्थिति, स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश
इस घटना के बाद से धनबाद के चिरकुंडा, कुमारधुबी और मैथन क्षेत्र के ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन और निर्माण एजेंसी के खिलाफ गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल मानसून (Monsoon) के दौरान कंपनी द्वारा घटिया स्तर का डायवर्सन बना दिया जाता है, जो पहली ही तेज बारिश को झेल नहीं पाता। पुल निर्माण कार्य की धीमी गति पर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग के बंद होने से न केवल व्यापार ठप हो जाता है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना भी नामुमकिन हो जाता है।
युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करने का दावा, फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं
अनुमंडल प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने घटना स्थल का मुआयना करने के बाद कहा है कि नदी का जलस्तर कम होते ही युद्ध स्तर पर नया वैकल्पिक रास्ता तैयार करने का काम शुरू किया जाएगा। हालांकि, मौसम विभाग (IMD) द्वारा धनबाद, बोकारो और गिरिडीह जिलों में अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट (Yellow Alert) जारी किए जाने के कारण मरम्मत कार्य शुरू होने में देरी होने की आशंका है। जब तक बारिश नहीं रुकती और नदी का वेग कम नहीं होता, तब तक कुमारधुबी मार्ग पर यातायात सामान्य होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।