JPSC Scam Update: जेपीएससी परीक्षा महाघोटाले में CID का प्रचंड एक्शन, डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर श्वेता गुप्ता सहित 5 गिरफ्तार, मुख्य परीक्षा टली

JPSC Scam Update: जेपीएससी परीक्षा महाघोटाले में CID का प्रचंड एक्शन, डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर श्वेता गुप्ता सहित 5 गिरफ्तार, मुख्य परीक्षा टली

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों और राज्य के प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त का सबसे बड़ा और हड़कंप मचा देने वाला आधिकारिक अपडेट सामने आ रहा है। जेपीएससी परीक्षा धांधली मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कड़े निर्देश के बाद अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बेहद त्वरित और धाकड़ कार्रवाई की है। सीआईडी की विशेष जांच टीम ने रांची पुलिस के साथ मिलकर की गई ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद आयोग की उप-परीक्षा नियंत्रक (Deputy Controller of Examination) श्वेता कुमारी गुप्ता सहित कुल पांच रसूखदार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद सीआईडी ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और कड़े 'झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023' के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें होटवार जेल भेज दिया है।

ब्लैकलिस्टेड कंपनी TDPL के निदेशक और मार्केटिंग मैनेजर भी चढ़े हत्थे

सीआईडी द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक, इस महाघोटाले की जड़ें जेपीएससी की परीक्षाएं संचालित करने वाली निजी आउटसोर्सिंग एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) से गहराई से जुड़ी हुई हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में टीडीपीएल कंपनी का निदेशक रामवीर सिंह और मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी शामिल हैं। जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस कंपनी को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के कारण पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था, इसके बावजूद आयोग के अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर इसे करोड़ों रुपये का परीक्षा संचालन टेंडर बैकडोर से दे दिया गया।

कैसे चल रहा था खेल: ओएमआर शीट और डिजिटल डेटा में हेरफेर का आरोप

  • बिना टेंडर ठेका और आपराधिक लापरवाही: तत्कालीन प्रभारी परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने विधिवत टेंडर नियमों की धज्जियां उड़ाकर यूपी की दागी कंपनी टीडीपीएल को जेपीएससी का काम दिलाया। उन्होंने प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और ओएमआर शीट (OMR Sheets) की स्कैनिंग के दौरान की गई भारी जालसाजी को जानबूझकर नजरअंदाज किया।

  • मार्केटिंग मैनेजर खुद फर्जीवाड़ा कर बनता रहा टॉपर: सबसे हैरान करने वाला खुलासा कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी को लेकर हुआ है। वह इस धांधलीबाज कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी रहते हुए खुद फर्जी तरीके से परीक्षाओं में बैठता था और ओएमआर शीट में सर्वर स्तर पर डिजिटल टैंपरिंग करवाकर जेपीएससी और जेएसएससी (JSSC) की चार प्रमुख भर्ती परीक्षाओं को पास कर टॉप-10 रैंक हासिल कर चुका था।

  • सीबीआई जांच की उठी मांग: परीक्षा केंद्रों और कंपनी के ठिकानों से पेन ड्राइव, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और बेनामी वित्तीय लेनदेन के डिजिटल दस्तावेज जब्त होने के बाद से ही विपक्षी दल और छात्र संगठन पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग को लेकर जेपीएससी दफ्तर के बाहर उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं।

जेपीएससी मुख्य परीक्षा-2025 अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

सीआईडी की इस ताबड़तोड़ कानूनी कार्रवाई और आयोग के भीतर मचे बड़े प्रशासनिक भूचाल का सीधा असर आगामी परीक्षाओं पर पड़ा है। जेपीएससी प्रशासन ने तुरंत आपातकालीन अधिसूचना जारी करते हुए 25 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाली 'झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025' को अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए अगली सूचना तक स्थगित (Postponed) कर दिया है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में होने वाली अन्य बैकलॉग परीक्षाएं भी टाल दी गई हैं। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद जेपीएससी के चेयरमैन एल. खियांग्ते के इस्तीफे की खबरें भी तेजी से चर्चा में हैं। सीआईडी अब आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल चैट्स को खंगाल रही है, जिससे इस परीक्षा सिंडिकेट में शामिल कुछ अन्य बड़े सफेदपोश लोकसेवकों के नामों का खुलासा होने की पूरी उम्मीद है।

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