अब झारखंड के जंगल में मिला जन सुराज के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक का शव
प्रशांत किशोर की अगुवाई वाले 'जन सुराज' अभियान और बिहार-झारखंड के प्रशासनिक महकमे से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जन सुराज के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक का शव झारखंड के एक दुर्गम और घने जंगल से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया है। पिछले कुछ दिनों से अचानक लापता चल रहे देवपालिक की तलाश में पुलिस और परिजनों की टीमें जुटी हुई थीं, लेकिन जंगल के भीतर उनका शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जन सुराज संगठन के आईटी, सोशल मीडिया और डिजिटल रणनीतियों की कमान संभालने वाले एक महत्वपूर्ण सदस्य की इस तरह रहस्यमयी मौत ने न केवल उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि बिहार और झारखंड के राजनीतिक व प्रशासनिक गलियारों में भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच का जिम्मा संभाल लिया है।
जंगल से संदिग्ध शव बरामदगी का पूरा मामला: पुलिसिया तफ्तीश, फॉरेंसिक टीम का छापा और हत्या या साज़िश की आशंकाओं पर उठते सवाल!
प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, झारखंड के स्थानीय ग्रामीणों ने जंगल के भीतर एक अज्ञात शव पड़े होने की सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष को दी थी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। शव की शिनाख्त की प्रक्रिया के दौरान जेब से मिले दस्तावेजों, पहचान पत्र और मोबाइल डिटेल्स के आधार पर मृतक की पहचान जन सुराज के प्रमुख डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक के रूप में हुई। पुलिस ने घटनास्थल का बारीक निरीक्षण किया है और वहां से वैज्ञानिक साक्ष्य (Forensic Evidence) जुटाए हैं। शव को तुरंत कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है, ताकि मौत के सही कारणों और समय का सटीक पता लगाया जा सके।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद जन सुराज संगठन के कार्यकर्ताओं और शीर्ष नेताओं में भारी आक्रोश और शोक की लहर है। जन सुराज के प्रवक्ताओं और समर्थकों ने इस घटना को एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। देवपालिक जन सुराज की जमीनी गतिविधियों, सोशल मीडिया अभियानों और डिजिटल रीच को मजबूत करने में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। ऐसे में झारखंड के जंगलों में उनका शव मिलना कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रहा है। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन करने के संकेत दिए हैं। पुलिस अधिकारी देवपालिक की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR), अंतिम लोकेशन और पिछले कुछ दिनों में उनसे मिलने वाले लोगों की गहनता से जांच कर रहे हैं, ताकि इस रहस्यमयी हत्या या हादसे की परतें जल्द से जल्द खोली जा सकें।