झारखंड के खूंटी में मिशनरी स्कूल के अंदर प्रिंसिपल को मारी गई गोली

झारखंड के खूंटी में मिशनरी स्कूल के अंदर प्रिंसिपल को मारी गई गोली

देश के विभिन्न राज्यों से आए दिन कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली कई डरावनी और सनसनीखेज घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक गुरुओं को निशाना बनाने वाली वारदातें समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। झारखंड के जनजातीय बहुल खूंटी जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहाँ एक प्रतिष्ठित मिशनरी स्कूल के अंदर घुसकर वहां के प्रधानाचार्य और पादरी पर अज्ञात बदमाशों ने कातिलाना हमला कर दिया। इस वीभत्स घटना में आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रिंसिपल और संत मिखाइल महागिरजाघर से जुड़े प्रमुख फादर बेनेडिक्ट बारला (Father Benedict Barla) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्कूल के सुरक्षित परिसर के भीतर इस तरह की खून से सनी वारदात के बाद से न केवल स्थानीय शिक्षा जगत और ईसाई समुदाय में भारी रोष तथा डर का माहौल है, बल्कि पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ गए हैं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस सनसनीखेज वारदात के पीछे असल में किन लोगों का हाथ है और इसके पीछे की असली वजह क्या थी। आइए विस्तार से जानते हैं कि खूंटी के इस मिशनरी स्कूल में यह खौफनाक घटना किस प्रकार सामने आई और पुलिस इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए क्या कदम उठा रही है।

सुबह-स सुबह स्कूल परिसर में खून से लथपथ मिले फादर बेनेडिक्ट, स्टाफ और स्थानीय लोगों में मचा हड़कंप

घटना के संबंध में स्कूल के अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा दी गई शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह मामला तब प्रकाश में आया जब बुधवार की सुबह करीब 8:30 बजे स्कूल के कुछ लोग और स्टाफ सदस्य रोज की तरह परिसर में पहुंचे। स्कूल के एक अन्य सहयोगी फादर अनिल कुमार होरो व अन्य सदस्यों ने जब कार्यालय या स्टाफ रूम के पास जाकर देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। फादर बेनेडिक्ट बारला स्कूल के कमरे में फर्श पर खून से लथपथ अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और कमरे का सारा सामान तथा दस्तावेज काफी हद तक अस्त-व्यस्त और बिखरे हुए थे। यह देखकर तुरंत स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और फौरन इसकी सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी गई। आनन-फानन में घायल पादरी को खूंटी सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि उनकी स्थिति बेहद नाजुक और गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक चिकित्सा के बाद उनकी जान बचाने के लिए उन्हें तुरंत राजधानी रांची के एक उच्च स्तरीय अस्पताल (पल्स अस्पताल / रिम्स) के लिए रेफर कर दिया गया, जहाँ डॉक्टरों की विशेष देखरेख में उनका इलाज जारी है।

क्या यह हमला गोलीबारी का है या धारदार हथियारों का? पुलिस और एसआईटी टीम कर रही है हर पहलू की गहन जांच

इस हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज मामले की गंभीरता को देखते हुए खूंटी के पुलिस अधीक्षक (SP) ऋषभ गर्ग, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) और कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर शरीर पर मिले निशानों और साक्ष्यों के आधार पर यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि अपराधियों ने केवल गोली ही नहीं चलाई, बल्कि उन पर किसी धारदार हथियार से भी गंभीर वार किया गया है। वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी कौन थे और वे स्कूल के सुरक्षा घेरे को भेदकर अंदर कैसे दाखिल हुए, यह अभी भी एक बड़ा रहस्य बना हुआ है। पुलिस ने इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है, जो हर एक संदिग्ध गतिविधि और एंगल से अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रही है।

स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, अपराधियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी जारी

चूंकि मामला एक जाने-माने मिशनरी स्कूल और पादरी की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए झारखंड पुलिस इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। पुलिस की तकनीकी सेल स्कूल परिसर के अंदर और उसके बाहर आसपास के रास्तों पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) की फुटेज खंगालने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बीती रात या तड़के सुबह कौन-से संदिग्ध लोग स्कूल के अंदर आए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद वे किस रास्ते से फरार हुए। इसके साथ ही स्कूल के आसपास के स्थानीय लोगों, कर्मचारियों और अन्य परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि क्या फादर बेनेडिक्ट की किसी से कोई व्यक्तिगत रंजिश थी या फिर इसके पीछे कोई और आपराधिक साजिश छिपी है। भगवान बिरसा मुंडा की इस ऐतिहासिक और पावन भूमि खूंटी में हुई इस नृशंस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आम जनता तथा मसीही समाज में आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।