रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान, बोले- झारखंड को रेलवे के लिए मिले ₹7500 करोड़
झारखंड के सर्वांगीण विकास और रेल कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने अपना खजाना पूरी तरह खोल दिया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बड़ा बयान देते हुए घोषणा की है कि चालू वित्तीय वर्ष में झारखंड राज्य को रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के कायाकल्प के लिए रिकॉर्ड ₹7,500 करोड़ का बजटीय आवंटन किया गया है। रेल मंत्री के इस ऐलान से राज्य के रेल यात्रियों, व्यापारिक सुगमता (Ease of Doing Business) और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। वर्ष 2004 से 2014 के बीच यूपीए शासनकाल के दौरान झारखंड को मिलने वाले औसतन 457 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट की तुलना में यह धनराशि 16 गुना से भी अधिक है। रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस भारी-भरकम बजट का उपयोग राज्य में नए रेल ट्रैक बिछाने, पटरियों के दोहरीकरण और तिहरीकरण, सौ फीसदी विद्युतीकरण, आधुनिक अमृत भारत स्टेशनों के निर्माण और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर एक-एक पाई पारदर्शिता के साथ खर्च की जाएगी।
झारखंड में बिछेगा आधुनिक रेल नेटवर्क का नया जाल: अमृत भारत स्टेशन योजना, नई पटरियों और शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का पूरा खाका तैयार!
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य झारखंड के हर सुदूर और जनजातीय इलाके को देश के मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ना है। राज्य में वर्तमान में करीब ₹57,000 करोड़ से अधिक की लागत वाली विभिन्न रेल परियोजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है। इसमें रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, दुमका और जसीडीह जैसे प्रमुख शहरों और औद्योगिक केंद्रों को आपस में जोड़ने वाली लाइनें शामिल हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 से अधिक रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास करके उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाओं, वाई-फाई, लिफ्ट, एस्केलेटर और स्थानीय कला-संस्कृति की थीम पर सजाया जा रहा है। इसके साथ ही, खनिजों से समृद्ध इस राज्य में मालगाड़ियों की निर्बाध आवाजाही के लिए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर और सुरक्षा तंत्र 'कवच' (Kavach Safety System) को भी प्रमुखता से लागू किया जा रहा है, जिससे ट्रेन हादसों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
राज्य सरकार से भूमि अधिग्रहण में तेजी की अपील: औद्योगिक विकास, नए रोजगार और सुगम यात्री सफर को मिलेगी नई उड़ान!
रेल मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों और खनिजों का गढ़ है, इसलिए यहाँ मजबूत रेल नेटवर्क का होना न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था बल्कि पूरे देश के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि रेल परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) और वन संबंधी स्वीकृतियों की प्रक्रियाओं को और अधिक तेज किया जाए, ताकि बजटीय राशि का पूरी क्षमता के साथ उपयोग हो सके और परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी हो सकें। नए रेल कॉरिडोर बनने से स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे और कोयला, स्टील व अन्य खनिजों के परिवहन में लगने वाले समय और लागत में भारी कमी आएगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मोदी सरकार का संकल्प झारखंड को भारत के विकास का पावरहाउस बनाना है। ₹7,500 करोड़ का यह ऐतिहासिक आवंटन इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। आने वाले समय में झारखंड की रेल कनेक्टिविटी न केवल पड़ोसी राज्यों पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार के साथ बेहतर होगी, बल्कि राज्य के आम नागरिकों को वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों के जरिए तेज और आरामदायक सफर का अनूठा अनुभव भी मिलता रहेगा।