झारखंड के 13 जिलों में बारिश की संभावना, कहीं बादल तो कहीं छाया घना कोहरा, जानें रांची से जमशेदपुर तक कैसा रहेगा मौसम
देवभूमि झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र (Meteorological Centre) रांची की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के करीब 13 जिलों में अचानक बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिसके साथ ही कई इलाकों में सुबह और शाम के समय घने कोहरे (Dense Fog) की चादर भी तनी नजर आएगी। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक असर के कारण झारखंड के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान विशेष रूप से कोल्हान, दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इस अचानक बदलाव से ठंड में इज़ाफा होने की उम्मीद है और लोगों को एक बार फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
रांची से जमशेदपुर तक कैसा रहेगा मौसम का हाल: इन जिलों में दिखेगा बारिश और बादलों का असर
झारखंड की राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में सुबह से ही आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं, जिससे ठंडी हवाओं का अहसास तेज हो गया है। रांची में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। वहीं, औद्योगिक नगरी जमशेदपुर (Jamshedpur) और इसके पड़ोसी जिलों सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में भी बादलों की आवाजाही के बीच गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका और रामगढ़ समेत कुल 13 जिलों में इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। इन जिलों में स्थानीय स्तर पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात (Thunderstorm and Lightning) की भी चेतावनी दी गई है, जिसके चलते किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अचानक बदले मौसम से बढ़ी किसानों की चिंताएं: धान की कटाई और फसलों पर पड़ सकता है असर
मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने झारखंड के अन्नदाताओं यानी किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के कई हिस्सों में धान की कटाई और मड़ाई का काम चल रहा है, ऐसे में अचानक होने वाली बारिश और तेज हवाओं से खुले आसमान के नीचे रखे अनाज को भारी नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों या पॉलीथीन शीट के नीचे ढककर रखें ताकि नमी और पानी से फसलों को बचाया जा सके। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यदि हल्की बारिश तय समय पर होती है, तो यह आने वाली रबी फसलों (जैसे गेहूं और दलहन) की बुआई के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति में नुकसान की आशंका बढ़ जाती है।
ठंड और कोहरे का यातायात पर असर: सुबह के समय वाहन चालकों को बरतनी होगी विशेष सावधानी
बारिश और कोहरे के इस डबल अटैक के कारण झारखंड के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर दृश्यता (Visibility) काफी कम हो गई है। रांची-टाटा हाईवे, रांची-पटना मार्ग और धनबाद-बोकारो मुख्य मार्गों पर सुबह के वक्त घना कोहरा छाए रहने के कारण वाहन चालकों को लाइट जलाकर धीमी गति से सफर करना पड़ रहा है। रेलवे और विमानन सेवाओं पर भी इसका हल्का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दो-तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी प्रकार बना रहेगा, जिसके बाद तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे बदलते मौसम में अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें और अनावश्यक यात्राओं के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें।