भागा-आद्रा मेमू समेत कई ट्रेनें 15 से 20 सितंबर तक रहेंगी रद्द, हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस का ...
भारतीय रेलवे के दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के अंतर्गत आने वाले आद्रा मंडल में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर यातायात और पावर ब्लॉक लेने का निर्णय लिया है, जिसके चलते इस रूट से आवागमन करने वाले हजारों रेल यात्रियों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ने वाली हैं। रेलवे अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मंडल के विभिन्न सेक्शनों में पटरियों के आधुनिकीकरण, सिग्नलिज्ग सिस्टम के अपग्रेडेशन और अन्य जरूरी तकनीकी कार्यों को तेजी से पूरा किया जाना है, और इन्हीं निर्माण कार्यों को सुरक्षित रूप से अंजाम देने के लिए भारी मात्रा में ट्रेनों के परिचालन को अस्थायी रूप से बाधित किया जा रहा है। रेलवे द्वारा जारी की गई इस नई सूची के अनुसार आगामी 15 सितंबर से लेकर 20 सितंबर तक इस क्षेत्र से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों के पहिए पूरी तरह से थम जाएंगे, जबकि कुछ अन्य लंबी दूरी की गाड़ियों को उनके निर्धारित रास्तों से हटाकर बदले हुए वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर यह कदम भविष्य में ट्रेन यात्रा को और अधिक सुरक्षित तथा समयबद्ध बनाने के लिए उठाया जा रहा है, लेकिन इसके तात्कालिक असर से यात्रियों को अगले कुछ दिनों तक भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले रेलवे की इस अपडेटेड लिस्ट को अच्छी तरह से जांच लेना बेहद आवश्यक हो गया है।
भागा से आद्रा जाने वाली मेमू स्पेशल ट्रेन रहेगी पूरी तरह रद्द
दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा जारी की गई विशेष ट्रैफिक और पावर ब्लॉक की इस समय सारणी में सबसे बड़ा असर दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ने वाला है, जो रोजमर्रा के सफर के लिए पूरी तरह से पैसेंजर और मेमू ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं। रेलवे के आधिकारिक बयान के मुताबिक, बहुचर्चित और अतिव्यस्त रहने वाली भागा-आद्रा मेमू स्पेशल ट्रेन को आगामी 15 सितंबर से 20 सितंबर तक की अवधि के लिए पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है, जिसका मतलब यह है कि इस पांच से छह दिनों के अंतराल में इस रूट पर यह महत्वपूर्ण ट्रेन एक भी फेरा नहीं लगाएगी। भागा और आद्रा के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों, दुकानदारों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए यह ट्रेन एक लाइफलाइन की तरह काम करती है, और इसके अचानक बंद हो जाने से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस मेमू ट्रेन के रद्द होने से सड़क मार्ग पर बसों और अन्य निजी वाहनों का दबाव अचानक बढ़ सकता है, जिससे यात्रियों का आर्थिक और मानसिक दोनों तरह का बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस अवधि के दौरान वैकल्पिक परिवहन साधनों की व्यवस्था पहले से ही कर लें ताकि उन्हें स्टेशन पर पहुंचने के बाद किसी भी प्रकार की अनचाही परेशानी या भागदौड़ से दो-चार न होना पड़े।
हटिया और खड़गपुर समेत इन अन्य प्रमुख ट्रेनों का बदला मार्ग
सिर्फ मेमू ट्रेनों का रद्द होना ही इस ब्लॉक का इकलौता हिस्सा नहीं है, बल्कि इसके अलावा कई अन्य लंबी दूरी की एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन पर भी इसका गहरा और सीधा असर देखने को मिल रहा है, जिसके तहत कई गाड़ियों के रूट में बड़ा बदलाव किया गया है। रेल विभाग से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, बहुप्रतीक्षित हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस और इस मार्ग से गुजरने वाली कुछ अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों को उनके अपने नियमित और पारंपरिक मार्ग के बजाय परिवर्तित यानी डायवर्टेड रूट से चलाया जाएगा, ताकि निर्माण कार्यों के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा या दुर्घटना की कोई गुंजाइश न बचे। रूट बदले जाने के कारण इन ट्रेनों के गंतव्य तक पहुंचने के समय में भी फेरबदल हो सकता है और मु मुसाफिरों को अपने तय सफर के मुकाबले कुछ अतिरिक्त घंटे ट्रेनों के अंदर ही बिताने पड़ सकते हैं। रेलवे ने साफ किया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की नीति के तहत ही इन ट्रेनों के मार्गों को अस्थायी तौर पर बदला गया है, और जैसे ही आद्रा मंडल में चल रहे ये विकास कार्य सफलतापूर्वक पूरे हो जाएंगे, वैसे ही इन सभी ट्रेनों का संचालन उनके पुराने और निर्धारित सामान्य मार्ग पर पूरी तरह से बहाल कर दिया जाएगा। जिन यात्रियों ने इन तारीखों के दौरान हटिया, खड़गपुर या इस रूट के अन्य स्टेशनों के लिए अपने रिजर्वेशन करा रखे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन के नए रूट और समय की स्थिति की सटीक जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से की अपील और दिए जरूरी दिशा-निर्देश
आद्रा मंडल में चल रहे इन आवश्यक विकास कार्यों और उसके परिणामस्वरूप कई ट्रेनों के रद्द तथा डायवर्ट होने के इस पूरे घटनाक्रम पर रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और रेल नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाना उनकी सबसे पहली और बड़ी प्राथमिकता है, जिसके लिए इस तरह के कड़े व जरूरी फैसले लेने पड़ते हैं। दक्षिण पूर्व रेलवे के जनसंपर्क अधिकारियों ने आम जनता से यह विशेष अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए रेलवे स्टेशनों के पूछताछ काउंटर, आधिकारिक रेलवे ऐप या फिर अधिकृत वेबसाइट के जरिए अपनी ट्रेनों की मौजूदा स्थिति की अद्यतन जानकारी प्राप्त करने के बाद ही अपने घरों से बाहर निकलें। कई बार ऐसा देखा जाता है कि ब्लॉक की अवधि या समय सारणी में अंतिम समय में भी आंशिक संशोधन कर दिए जाते हैं, इसलिए सतर्कता बरतना हर यात्री के हित में होगा। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों की ट्रेनें पूरी तरह से रद्द कर दी गई हैं, वे नियमानुसार अपने टिकटों का पूरा रिफंड आसानी से प्राप्त कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें काउंटर या ऑनलाइन माध्यमों पर पूरी सुविधा मुहैया कराई जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि निर्धारित 20 सितंबर तक इन सभी तकनीकी और संरचनात्मक कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा कर लिया जाएगा, ताकि एक बार फिर से इस पूरे रेल खंड पर ट्रेनों का आवागम पूरी तरह से सामान्य, सुरक्षित और निर्बाध रूप से पटरी पर लौट सके।