मेडिकल छात्रों के खाते में अब सीधे आएंगे 25 हजार, हड़ताल के बीच सरकार के एक आदेश से मच गया जश्न!

मेडिकल छात्रों के खाते में अब सीधे आएंगे 25 हजार, हड़ताल के बीच सरकार के एक आदेश से मच गया जश्न!

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश के मेडिकल इंटर्न्स की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए उनके मासिक भत्ते में ऐतिहासिक बढ़ोतरी कर दी है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अब मेडिकल इंटर्न्स का स्टाइपेंड दोगुने से अधिक बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है, जो पहले महज 12,300 रुपये था। यह संशोधित भत्ता 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। यह राहत पूरे केंद्र शासित प्रदेश में एमबीबीएस और बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) इंटर्न्स के साथ-साथ विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMGs) पर भी समान रूप से लागू होगी। वित्त विभाग से 20 अक्टूबर 2026 को मिली औपचारिक वित्तीय मंजूरी के बाद सरकार ने यह बहुप्रतीक्षित आदेश जारी कर दिया।

घाटी और जम्मू संभाग के मेडिकल छात्र वर्ष 2019 के बाद से ही स्टाइपेंड में संशोधन की बाट जोह रहे थे। पिछली बार जनवरी 2019 में राज्यपाल शासन के दौरान भत्ते में आंशिक वृद्धि की गई थी, जिसके बाद से छात्र लगातार आर्थिक तंगी और बढ़ती महंगाई का हवाला देकर आंदोलन कर रहे थे। वर्ष 2023 में गठित एक विशेषज्ञ समिति ने भी इंटर्न्स का मानदेय 12,300 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने और पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टरों से जुड़े भत्तों की समीक्षा की पुरजोर सिफारिश की थी। इसके बावजूद प्रशासनिक फाइलों में मामला अटका रहा, जिसके चलते छात्रों ने श्रीनगर से लेकर जम्मू तक विरोध प्रदर्शन जारी रखा और 20 अक्टूबर को दोबारा हड़ताल की राह पकड़ ली थी।

छात्रों के बढ़ते दबाव और राजनीतिक हलचलों के बीच यह मुद्दा फरवरी 2026 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पटल पर भी गूंजा था, जहां विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ने इस पर जल्द फैसले की मांग की थी। इससे पहले अक्टूबर 2024 में इंटर्न्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने श्रीनगर में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी, जहां उन्हें राष्ट्रीय स्तर के समकक्ष मानदेय का ठोस आश्वासन मिला था। वहीं स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने भी प्रक्रिया अंतिम चरण में होने की बात कही थी। अब आधिकारिक मुहर लगने के बाद जम्मू-कश्मीर इंटर्न्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AMISA) के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू का आभार व्यक्त करते हुए हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की है।