सिर्फ 9 मिनट में खत्म हुआ विधानसभा का सत्र! परविंदर झोटा हत्याकांड पर पंजाब में फूटा भारी जनाक्रोश!
पंजाब विधानसभा का छह दिवसीय विशेष सत्र गुरुवार को भारी राजनीतिक हंगामे और तनावपूर्ण माहौल के बीच शुरू हुआ। सदन की बैठक शुरू होते ही हाल ही में जान गंवाने वाले एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा समेत अन्य दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही मात्र नौ मिनट ही चल सकी और दो मिनट का मौन रखकर सदन को शुक्रवार सुबह 10 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। गौरतलब है कि 13 अक्टूबर को परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद से पूरे राज्य में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इस मामले की सीबीआई जांच जारी है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर चुके हैं, जिसके बाद से आम आदमी पार्टी सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
विधानसभा के भीतर परविंदर झोटा के अलावा पूर्व मंत्री भगत चुन्नी लाल, पूर्व सांसद वरिंदर सिंह बाजवा, पूर्व विधायक रणजीत सिंह और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राम रतन मित्तल को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही संगरूर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले आठ मनरेगा मजदूरों की आत्मशांति के लिए भी सदन में मौन रखा गया। हालांकि, कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष के तेवर कड़े नजर आए। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे सरकार के खिलाफ मुखर रहेंगे और सदन को आसानी से नहीं चलने देंगे। विपक्ष का सीधा आरोप है कि राज्य सरकार नशे की तस्करी रोकने और एक्टिविस्टों को सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
सदन के बाहर का माहौल भी बेहद गरमाया रहा, जहां भाजपा नेताओं और लवप्रीत के परिजनों ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राज्य में नशे का जाल गहराता जा रहा है और आवाज उठाने वालों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है। हंगामे को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इस दौरान पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री हवाई सफर के दौरान सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकते हैं, तो जमीन पर आकर पीड़ित परिवार से मुलाकात क्यों नहीं कर सकते। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष और विधानसभा का घेराव जारी रहेगा।