NEET Success Story: नीट परीक्षा से ठीक पहले उठी बेटे की अर्थी, फिर पिता ने खुद एग्जाम देकर रचा इतिहास; अब बनेंगे डॉक्टर
कहते हैं कि अगर हौसला बुलंद हो और दिल में कुछ कर गुजरने की चाह हो, तो उम्र का हर पड़ाव और जिंदगी का बड़े से बड़ा दर्द भी आपके कदमों को नहीं रोक सकता। एक ऐसा ही दिल को झकझोर देने वाला और प्रेरणा से भर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपने जवान बेटे की मौत के गम को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा से ठीक पहले जिस घर से बेटे का जनाजा उठा था, उसी घर के मुखिया यानी पिता ने खुद परीक्षा रूम में बैठकर न सिर्फ एग्जाम दिया, बल्कि उसे क्रैक कर अब डॉक्टर बनने की राह पर निकल पड़े हैं।
बेटे का अधूरा सपना पूरा करने के लिए उठाई किताब
यह कहानी एक ऐसे पिता की है जिनका बेटा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहता था। वह सालों से पूरी शिद्दत के साथ नीट परीक्षा की तैयारी में जुटा हुआ था और पिता भी अपनी गाढ़ी कमाई से बेटे के इस सपने को सींच रहे थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। परीक्षा के चंद दिनों पहले एक बेहद दुखद हादसे या बीमारी के कारण बेटे की अचानक मौत हो गई। इस भयानक वज्रपात ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया, लेकिन रोने-बिलखने के बीच इस बेबस पिता ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया कि वह अपने बेटे के सपने को मरने नहीं देंगे।
ढलती उम्र में परीक्षा हॉल का वो भावुक सफर
बेटे के जाने के गम को सीने में दबाए इस जांबाज पिता ने खुद नीट परीक्षा देने की ठानी। जिस उम्र में लोग करियर से रिटायरमेंट की सोचते हैं, उस उम्र में इस पिता ने दिन-रात एक करके मेडिकल एंट्रेंस की मोटी-मोटी किताबें पढ़ना शुरू किया। जब वह परीक्षा केंद्र (Exam Center) पहुंचे, तो उनके आसपास उनके बच्चों की उम्र के छात्र परीक्षा देने आए थे। कई लोगों के लिए यह हैरान करने वाला नजारा था, लेकिन पिता की आंखों में सिर्फ अपने स्वर्गीय बेटे का चेहरा और उसका अधूरा डॉक्टर बनने का ख्वाब तैर रहा था।
नीट परीक्षा में मिली शानदार सफलता, रो पड़ी दुनिया
जब नीट यूजी परीक्षा का परिणाम (NEET UG Result) घोषित हुआ, तो हर कोई हैरान रह गया। इस पिता ने न केवल परीक्षा पास की, बल्कि इतने अच्छे अंक हासिल किए कि अब उन्हें एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलने जा रहा है। परीक्षा पास करने के बाद पिता की आंखें नम थीं, क्योंकि उनका बेटा यह दिन देखने के लिए इस दुनिया में नहीं था। इस अभूतपूर्व सफलता ने यह साबित कर दिया कि एक पिता का प्यार और उसका संकल्प दुनिया की किसी भी विपरीत परिस्थिति से कहीं ज्यादा मजबूत होता है।
देश भर के युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
सोशल मीडिया और शिक्षा जगत में इस समय इस पिता की सफलता की कहानी तेजी से वायरल हो रही है। लोग उनके जज्बे को सलाम कर रहे हैं और इसे अब तक की सबसे भावुक 'सक्सेस स्टोरी' मान रहे हैं। परीक्षा में असफल होने के बाद निराश होने वाले देश के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए यह बुजुर्ग पिता एक बहुत बड़ी मिसाल बनकर उभरे हैं, जिन्होंने सिखाया है कि जिंदगी चाहे जितने भी जख्म दे, आपको लड़ना और जीतना कभी नहीं छोड़ना चाहिए।