8वें वेतन आयोग की तैयारी तेज: बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर और इंक्रीमेंट पर टिका है कर्मचारियों का भविष्य

8वें वेतन आयोग की तैयारी तेज: बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर और इंक्रीमेंट पर टिका है कर्मचारियों का भविष्य

Up kiran, Digital Desk : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सुगबुगाहट अब तेज हो गई है। रिटायर्ड न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह आयोग अगले साल की पहली छमाही तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। इस बीच, कर्मचारी संगठनों और वेतन आयोग के बीच बैठकों का दौर जारी है। नेशनल काउंसिल (JCM), AIDEF और महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन जैसे प्रमुख संगठनों ने अपनी मांगें आयोग के सामने रख दी हैं।

इस बार की चर्चाओं के केंद्र में तीन मुख्य 'फैक्टर' हैं, जो कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में बड़ा उछाल ला सकते हैं।

1. मिनिमम बेसिक पे: ₹18,000 से सीधे ₹65,000+ की मांग

कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग न्यूनतम मूल वेतन (Minimum Basic Pay) को लेकर है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत यह ₹18,000 है। संगठनों ने इसे बढ़ाकर ₹65,000 से ₹69,000 के बीच रखने का प्रस्ताव दिया है। यदि सरकार इस मांग को आंशिक रूप से भी स्वीकार करती है, तो निचले स्तर के कर्मचारियों के वेतन में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिलेगी।

2. फिटमेंट फैक्टर: 3.8 गुना की बड़ी छलांग

वेतन निर्धारण के लिए 'फिटमेंट फैक्टर' सबसे महत्वपूर्ण टूल होता है। 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था। अब कर्मचारी संगठन 3.8 से 3.833 के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।

  • गणित समझिए: अगर फिटमेंट फैक्टर 3.833 होता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी वर्तमान के मुकाबले लगभग तीन गुना तक बढ़ सकती है। आयोग इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है कि इसे वास्तविक जीवन-यापन की लागत (Cost of Living) के साथ कैसे संतुलित किया जाए।

3. एनुअल इंक्रीमेंट: 3% की जगह 5-6% का लक्ष्य

अभी तक केंद्रीय कर्मचारियों को सालाना 3% की दर से वेतन वृद्धि (Annual Increment) मिलती है। संगठनों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई के मुकाबले यह पर्याप्त नहीं है। इसलिए, मांग की गई है कि वार्षिक वेतन वृद्धि की सीमा को 5% से 6% किया जाए। इससे लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को अधिक वित्तीय लाभ मिल सकेगा।

पेंशन और महंगाई भत्ते पर भी फोकस

सैलरी के अलावा, पेंशनभोगियों के लिए पेंशन के पुनर्गठन और भुगतान में समानता लाने पर भी जोर दिया जा रहा है। आयोग अपनी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए भी हितधारकों से सुझाव मांग रहा है।

बैठकों का अगला दौर: रेलवे और रक्षा मंत्रालय की बारी

वेतन आयोग अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 13 और 14 मई 2026 को रक्षा मंत्रालय (MoD) और रेल मंत्रालय (MoR) से जुड़े यूनियनों और संगठनों के साथ अहम बैठकें करने जा रहा है। इन बैठकों में रेलवे और रक्षा बलों के सिविल कर्मचारियों की विशिष्ट समस्याओं और वेतन विसंगतियों पर चर्चा की जाएगी।

 

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