कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 17 की मौत, पीएम मोदी ने किया मुआवजे का एलान
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से इस वक्त एक बेहद दुखद, दिल दहला देने वाली और झकझोर देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। शहर के एक अत्यधिक प्रसिद्ध और लोकप्रिय दुर्गा पूजा पंडाल में महासप्तमी या महाष्टमी के दौरान उमड़ी अप्रत्याशित और बेकाबू भीड़ के बीच अचानक भगदड़ (Stampede) मच जाने से कम से कम 17 निर्दोष श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि दर्जनों अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस भयानक हादसे के बाद खुशियों और उल्लास से सजे पूजा पंडाल में चीख-पुकार मच गई और पूरे राज्य में मातम पसर गया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने इस हृदयविदारक दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है तथा पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की बड़ी घोषणा की है।
पंडाल में उमड़ी थी भारी भीड़, अचानक मची अफरा-तफरी और दब गए लोग
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, कोलकाता के इस प्रतिष्ठित पूजा पंडाल को देखने के लिए शहर भर से हजारों की संख्या में लोग उमड़े हुए थे। पंडाल के भीतर और बाहर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। इसी बीच, अचानक मुख्य प्रवेश द्वार के पास किसी अफवाह के फैलने या अत्यधिक दबाव के कारण बैरिकेडिंग का एक हिस्सा झुक गया, जिससे लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। देखते ही देखते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई और चंद मिनटों में ही वहां भगदड़ मच गई। जो लोग इस भारी भीड़ के बीच नीचे गिर गए, वे संभल नहीं पाए और कुचलकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस बलों और स्वयंसेवकों ने तुरंत मोर्चा संभाला और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया।
स्थानीय अस्पतालों में आपातकाल घोषित, मृतकों के परिजनों में छाया कोहराम
इस भीषण हादसे के बाद कोलकाता के प्रमुख अस्पतालों जैसे एसएसकेएम (SSKM) और कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में आपातकाल (Emergency) घोषित कर दिया गया है। घायलों में कई महिलाओं और बच्चों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। अस्पताल के बाहर अपनों की तलाश में भटक रहे परिजनों के रोने-बिलखने से माहौल बेहद गमगीन हो चुका है। राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री और पुलिस के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों का इलाज पूरी तरह मुफ्त और सर्वोत्तम तरीके से सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी जान को और खतरे में न डाला जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया गहरा शोक, प्रधानमंत्री राहत कोष से मुआवजे का एलान
कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल की इस भीषण दुर्घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि कोलकाता में मची भगदड़ में लोगों की मौत से उन्हें असीम पीड़ा हुई है। इस दुख की घड़ी में प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को अनुग्रह राशि देने का एलान किया गया है, जबकि घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए उनके इलाज के लिए भी आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। राष्ट्रपति और देश के अन्य दिग्गज नेताओं ने भी इस दुखद घटना पर शोक जताया है।
त्योहारों के सीजन में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल
इस মর্মান্তिक हादसे के बाद एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों, मेलों और दुर्गा पूजा पंडालों में होने वाले भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) और सुरक्षा व्यवस्था पर बहुत बड़े और गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन और पूजा समितियों की तैयारियों में कहां चूक हुई, इसकी जांच के लिए राज्य सरकार ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति के गठन के आदेश दे दिए हैं। जानकारों का कहना है कि इतने बड़े मेलों और पंडालों में इमरजेंसी एग्जिट (Emergency Exits), सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती बेहद जरूरी होती है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। इस दुखद हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और यह सबक दे दिया है कि उत्सव के माहौल में जरा सी लापरवाही कितनी भारी कीमत वसूल सकती है।