प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशों से मिले सर्वोच्च सम्मानों की पूरी और विस्तृत सूची

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशों से मिले सर्वोच्च सम्मानों की पूरी और विस्तृत सूची

भारतीय कूटनीति और वैश्विक राजनीति के इतिहास में पिछले कुछ वर्षों के दौरान एक अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है, जहां दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की साख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने न केवल आर्थिक और सामरिक मोर्चे पर बड़ी सफलताएं हासिल की हैं, बल्कि वैश्विक शांति, पर्यावरण संरक्षण और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने में भी एक अग्रणी भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री की इसी दूरदर्शी और सशक्त कूटनीति के परिणामस्वरुप दुनिया भर के कई प्रमुख और शक्तिशाली देशों ने उन्हें अपने देश के सर्वोच्च राष्ट्रीय और नागरिक सम्मानों से नवाजा है। खाड़ी देशों से लेकर यूरोपीय महाद्वीपों और अमेरिकी राष्ट्रों तक, विभिन्न सरकारों ने पीएम मोदी को अपनी भूमि पर आमंत्रित करके उनके नेतृत्व क्षमता का सम्मान किया है। यह सूची न केवल एक व्यक्ति की व्यक्तिगत उपलब्धि को दर्शाती है, बल्कि यह चौदह करोड़ भारतवासियों के बढ़ते सम्मान और वैश्विक प्रतिष्ठा का भी प्रतीक है, जिसके बारे में हर प्रतियोगी छात्र और नागरिक को विस्तार से जानकारी होनी चाहिए।

खाड़ी और एशियाई देशों द्वारा दिए गए ऐतिहासिक सर्वोच्च नागरिक सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाले सम्मानों की इस लंबी श्रृंखला की शुरुआत उनके कार्यकाल के शुरुआती दौर से ही हो गई थी, जिसमें एशियाई और खाड़ी देशों का नाम सबसे ऊपर आता है। अप्रैल 2016 में सऊदी अरब की यात्रा के दौरान वहां की सरकार ने उन्हें देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ किंग अब्दुलअजीज' (Order of King Abdulaziz) प्रदान किया था। इसके ठीक बाद जून 2016 में अफगानिस्तान ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'स्टेट ऑर्डर ऑफ गाजी अमीर अमानुल्लाह खान' से सम्मानित किया। खाड़ी देशों के साथ भारत के कूटनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अप्रैल 2019 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपने सबसे बड़े और प्रतिष्ठित सम्मान 'ऑर्डर ऑफ जायद' (Order of Zayed) से प्रधानमंत्री को नवाजा। इसी क्रम में अप्रैल 2019 में ही रूस ने अपने सर्वोच्च राजकीय सम्मान 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रू द एपॉस्टल' (Order of St. Andrew the Apostle) की घोषणा की और जुलाई 2024 में उन्हें इस अत्यंत प्रतिष्ठित पुरस्कार से औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया। इसके अलावा बहरीन का 'किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां', मालदीव का 'ऑर्डर ऑफ इज्जुद्दीन', और भूटान का सर्वोच्च नागरिक अलंकरण 'ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्याल्पो' (Order of the Druk Gyalpo) भी इस बात की गवाही देते हैं कि एशियाई क्षेत्र में भारत का प्रभाव कितना अधिक बढ़ चुका है।

पश्चिमी, यूरोपीय और अमेरिकी महाद्वीपों में मिले विशिष्ट वैश्विक पुरस्कार

केवल एशियाई और खाड़ी देश ही नहीं, बल्कि पश्चिमी जगत और यूरोपीय महाद्वीप के शक्तिशाली देशों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक नेतृत्व क्षमता का खुलकर लोहा माना है। दिसंबर 2020 में संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार ने भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके असाधारण योगदान के लिए अपनी प्रतिष्ठित सैन्य-नागरिक उपाधि 'लीजन ऑफ मेरिट' (Legion of Merit) के 'चीफ कमांडर' पद से सम्मानित किया। इसके पश्चात वर्ष 2023 में फ्रांस ने अपने देश के सबसे बड़े और पुराने सर्वोच्च सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर' (Grand Cross of the Legion of Honour) से पीएम मोदी को सुसज्जित किया, जो किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को मिलने वाला पहला ऐसा फ्रांसिसकी सम्मान है। यूरोप के ही एक अन्य देश ग्रीस ने अगस्त 2023 में उन्हें 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर' प्रदान किया। इसके अलावा मिस्र (Egypt) ने जून 2023 में अपने देश के सर्वोच्च राजकीय पुरस्कार 'ऑर्डर ऑफ द नीले' (Order of the Nile) से प्रधानमंत्री को सम्मानित किया, जिससे दोनों देशों के प्राचीन और आधुनिक ऐतिहासिक संबंध और अधिक प्रगाढ़ हुए हैं।

पर्यावरण, शांति और प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों द्वारा मिले सम्मान

वैश्विक कूटनीति के साथ-साथ पर्यावरण और मानव कल्याण के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक कार्यों के लिए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2018 में उन्हें दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी दूरदर्शिता और 'अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन' (ISA) की परिकल्पना को साकार करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े पर्यावरण पुरस्कार 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' (Champions of the Earth) से सम्मानित किया गया। इसके अलावा दक्षिण कोरिया द्वारा वर्ष 2018 में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक आर्थिक विकास में उनके योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित 'सियोल शांति पुरस्कार' (Seoul Peace Prize) प्रदान किया गया। हाल के वर्षों में फिजी, पापुआ न्यू गिनी, नाइजीरिया, डोमिनिका, गयाना, बारबाडोस, मॉरीशस और श्रीलंका जैसे तमाम देशों ने भी अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान प्रधानमंत्री को सौंपकर भारत के साथ अपनी अटूट मित्रता और कूटनीतिक सद्भाव का परिचय दिया है। यह तमाम सम्मान इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि आज की वैश्विक व्यवस्था में भारत की आवाज को पूरी दुनिया बेहद सम्मान और गंभीरता के साथ सुनती है।