एयरलाइन स्‍टाफ बोला- सस्ता है इसलिए आए हो... सुनते ही भड़क गए पैसेंजर्स, लगे 'शेम ऑन स्‍पाइसजेट' के नारे

एयरलाइन स्‍टाफ बोला- सस्ता है इसलिए आए हो... सुनते ही भड़क गए पैसेंजर्स, लगे 'शेम ऑन स्‍पाइसजेट' के नारे

आसमान में सफर करने का सपना देखने वाले आम मुसाफिरों के लिए कई बार एयरलाइंस कंपनियों की मनमानी किसी बड़े बुरे सपने जैसी साबित होती है। हाल ही में कम लागत वाली विमानन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) के काउंटर पर एक ऐसा ही बेहद अपमानजनक और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने यात्रियों के गुस्से को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। उड़ान में लगातार हो रही घंटों की भयंकर देरी और कुप्रबंधन पर जब यात्रियों ने एयरलाइन के कर्मचारियों से सवाल पूछा, तो जवाब में कथित तौर पर एक स्टाफ ने तंज कसते हुए कह दिया कि "सस्ता टिकट है इसलिए आए हो, तो थोड़ा इंतजार तो करना ही पड़ेगा!" इस असंवेदनशील बयान को सुनते ही वहां मौजूद पैसेंजर्स का गुस्सा फूट पड़ा और पूरा एयरपोर्ट 'शेम ऑन स्पाइसजेट' के नारों से गूंज उठा।

घंटों की देरी से बेहाल यात्री और एयरलाइन काउंटर पर हाई-वोल्टेज ड्रामा

यह पूरा हंगामा देश के एक व्यस्त हवाई अड्डे पर उस वक्त शुरू हुआ जब स्पाइसजेट की एक निर्धारित उड़ान बिना किसी स्पष्ट पूर्व सूचना के घंटों लेट हो गई। बोर्डिंग पास लेकर समय पर एयरपोर्ट पहुंचे यात्री सुबह से लेकर शाम तक लाउंज और बोर्डिंग गेट के बाहर टकटकी लगाए बैठे रहे। एयरलाइन की तरफ से यात्रियों को न तो समय पर कोई सही जानकारी दी जा रही थी और न ही खाने-पीने की कोई बुनियादी व्यवस्था की गई थी। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की इस दयनीय स्थिति को देखकर जब कुछ जागरूक यात्रियों ने ग्राउंड स्टाफ से एयरक्राफ्ट के टेकऑफ होने का सही समय जानना चाहा, तो कंपनी के नुमाइंदों ने अपनी लापरवाही छिपाने के बजाय उलटे यात्रियों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी।

'सस्ता टिकट' कहकर यात्रियों की मजबूरी का मजाक उड़ाने का आरोप

एयरलाइन स्टाफ की तरफ से यह कहना कि कम किराए वाली फ्लाइट बुक की है तो सुविधाएं भी वैसी ही मिलेंगी, ने आग में घी डालने का काम किया। भारत जैसे देश में जहां आम मध्यम वर्ग और गरीब परिवार भी हवाई यात्रा का सपना पूरा करने के लिए बजट एयरलाइंस का रुख करते हैं, वहां इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना कंपनियों के घमंड को उजागर करता है। यात्रियों का कहना था कि वे टिकट के पूरे पैसे देते हैं, कोई भी सफर भीख मांगकर नहीं किया जा रहा है। विमानन कंपनी का यह रवैया सीधे तौर पर ग्राहकों के अधिकारों का खुला उल्लंघन और उनके आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार था। इस अपमानजनक टिप्पणी के बाद वहां मौजूद सभी यात्रियों का सब्र टूट गया और उन्होंने एयरलाइन काउंटर को घेर लिया।

एयरपोर्ट पर गूंजे 'शेम ऑन स्पाइसजेट' के नारे, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

गुस्साए यात्रियों ने एकजुट होकर कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और एयरपोर्ट के डिपार्चर एरिया में 'शेम ऑन स्पाइसजेट' के जोरदार नारे लगाने शुरू कर दिए। यात्रियों के इस कड़े विरोध प्रदर्शन का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर आग की तरह वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे आम नागरिक एयरलाइन की मनमानी और खराब कस्टमर सर्विस के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इस डिजिटल हंगामे के बाद एविएशन सेक्टर में एक बार फिर से इस बात पर बड़ी बहस छिड़ गई है कि क्या कम कीमत में टिकट बेचने वाली कंपनियां यात्रियों के बुनियादी अधिकारों और सम्मान से खिलवाड़ करने का लाइसेंस पा चुकी हैं।

डीजीसीए (DGCA) के नियमों की धज्जियां और जवाबदेही पर उठते गंभीर सवाल

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सख्त दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि कोई उड़ान तय समय से घंटों लेट होती है, तो एयरलाइन की यह स्पष्ट जिम्मेदारी बनती है कि वह यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था दे, रिफ्रेशमेंट मुहैया कराए या फिर जरूरत पड़ने पर टिकट का पूरा पैसा वापस करे। इसके बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि बजट एयरलाइंस अक्सर इन नियमों को ताक पर रखकर मनमाना रवैया अपनाती हैं। यात्रियों का उत्पीड़न और उनकी शिकायतों पर एयरलाइन प्रबंधन का गैर-जिम्मेदाराना रुख यह बताने के लिए काफी है कि कंपनियों के लिए मुनाफे का सौदा यात्रियों की इंसानी गरिमा से कहीं ज्यादा अहम हो चुका है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब तक विमानन कंपनियों पर भारी जुर्माने और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का हंटर नहीं चलेगा, तब तक आम यात्रियों का यह मानसिक शोषण यूं ही जारी रहेगा।