‘छात्रों को पीटना गलत, उनकी मांगें वाजिब हैं...’ प्रियंका गांधी के बाद अब राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरा, युवाओं के समर्थन में उतरे

‘छात्रों को पीटना गलत, उनकी मांगें वाजिब हैं...’ प्रियंका गांधी के बाद अब राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरा, युवाओं के समर्थन में उतरे

देश में प्रतियोगी परीक्षाओं और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों के चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बाद अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए छात्रों के खिलाफ की जा रही पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अपने हक और बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठा रहे देश के होनहार छात्रों को लाठियों से पीटना बेहद शर्मनाक और गलत है।

युवाओं पर लाठीचार्ज तानाशाही का प्रतीक: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई हालिया पुलिसिया कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि न्याय और पारदर्शिता की मांग कर रहे युवाओं को बर्बरता से दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "यह सरकार युवाओं को रोजगार देने में तो पूरी तरह विफल रही ही है, लेकिन जब वही युवा अपनी परीक्षाओं में हो रही धांधली और प्रशासनिक कुप्रबंधन के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हैं, तो उन पर पुलिस छोड़ दी जाती है। छात्रों को अपराधियों की तरह पीटना किसी भी लोकतांत्रिक देश में स्वीकार्य नहीं हो सकता, यह सीधे तौर पर तानाशाही का प्रतीक है।"

छात्रों की मांगों को बताया पूरी तरह जायज और संवैधानिक

संसद से लेकर सड़क तक युवाओं की आवाज उठाने का दावा करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों की मांगें बेहद सामान्य और शत-प्रतिशत वाजिब हैं। वे सिर्फ परीक्षाओं में पारदर्शिता, समय पर रिजल्ट और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल करते हुए पूछा कि आखिर पीएम देश के युवाओं से संवाद करने से क्यों डरते हैं? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी 'मन की बात' बंद करके इन पीड़ित छात्रों के 'मन की बात' सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान निकालना चाहिए।

प्रियंका गांधी ने भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया था

राहुल गांधी के इस हमले से ठीक पहले प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी एक के बाद एक कई ट्वीट (एक्स पोस्ट) कर सरकार पर निशाना साधा था। प्रियंका ने प्रदर्शनकारी छात्रों के वीडियो शेयर करते हुए लिखा था कि जो छात्र कल देश का भविष्य बनने वाले हैं, आज उन्हें सड़कों पर घसीटा जा रहा है। भाई-बहन की इस जोड़ी द्वारा युवाओं के मुद्दे को इतनी आक्रामकता से उठाए जाने के बाद से यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ चुका है और सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है।

सोशल मीडिया पर 'स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट' ट्रेंड, विपक्षी एकजुटता तेज

राहुल गांधी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों के समर्थन में एक बड़ी लहर देखने को मिल रही है। एक्स (ट्विटर) पर छात्रों के समर्थन में कई हैशटैग टॉप ट्रेंड कर रहे हैं। विपक्षी दलों के अन्य नेताओं ने भी राहुल के सुर में सुर मिलाते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं और छात्रों का यह गुस्सा आने वाले समय में सरकार के लिए एक बड़ी मुसी

Latest Posts