दिल्ली-बुंदेलखंड के लिए मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा: 6-लेन द्वारका टनल और कानपुर-कबरई 4-लेन हाईवे को हरी झंडी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ट्रैफिक समस्या से जूझ रहे लोगों और उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से जुड़े दो ऐतिहासिक फैसलों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर कुल मिलाकर 14,000 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा, जिससे न सिर्फ शहरों का ट्रैफिक सुधरेगा बल्कि दो राज्यों के बीच कनेक्टिविटी भी बुलेट रफ्तार पकड़ेगी।
दिल्ली में बनेगा 6-लेन का द्वारका टनल, ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति
कैबिनेट का पहला सबसे बड़ा फैसला देश की राजधानी दिल्ली के लिए है। केंद्र सरकार ने दिल्ली में करीब 6,970 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाली 8 किलोमीटर लंबी और 6-लेन (Six-Lane) की द्वारका टनल (Dwarka Tunnel) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस महापरियोजना को पूरा करने के लिए 5 साल का समय तय किया गया है।
यह आधुनिक टनल दिल्ली के शिवमूर्ति से शुरू होकर वसंत कुंज होते हुए बारापुला के पास तक बनाई जाएगी। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि यह टनल दिल्ली की एक बहुत पुरानी मांग को पूरा करेगी। इसके चालू होने से दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में गाड़ियों का दबाव बेहद कम हो जाएगा और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) जाने वाले यात्रियों का सफर भी बेहद सुगम हो जाएगा।
बुंदेलखंड को बड़ी सौगात: कानपुर से कबरई तक बनेगा 242 KM लंबा 4-लेन हाईवे
कैबिनेट की दूसरी बड़ी मंजूरी उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट को मिली है। सरकार ने कानपुर से कबरई तक 242 किलोमीटर लंबे फोर-लेन (Four-Lane Highway) के निर्माण पर मुहर लगा दी है। इस हाईवे को बनाने में करीब 7,145 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे मात्र ढाई साल (30 महीने) के भीतर पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह हाईवे आगे चलकर सीधे कानपुर से भोपाल (मध्य प्रदेश की राजधानी) के बीच एक मजबूत और तेज सड़क संपर्क का अहम हिस्सा बनेगा। इस प्रोजेक्ट से बुंदेलखंड की रीढ़ मानी जाने वाली कनेक्टिविटी को नया पंख मिलेगा।
साढ़े 3 घंटे का सफर अब सिर्फ 90 मिनट में होगा पूरा
कानपुर-कबरई फोर-लेन हाईवे बनने का सबसे बड़ा और सीधा फायदा आम जनता और व्यापारियों को यात्रा के समय में भारी बचत के रूप में मिलेगा। वर्तमान समय में खस्ताहाल रास्तों और हैवी ट्रैफिक के कारण कानपुर से कबरई जाने में करीब साढ़े तीन घंटे का समय लगता है, लेकिन नया फोर-लेन हाईवे तैयार होने के बाद यह दूरी महज 1.5 घंटे (90 मिनट) में तय की जा सकेगी।
व्यापार और माल परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार
इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट्स के जमीन पर उतरने से न सिर्फ दैनिक यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी, बल्कि माल परिवहन (Logistics), क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी भारी प्रोत्साहन मिलेगा। बुंदेलखंड जैसे विकासशील क्षेत्र के लिए यह हाईवे उद्योगों को आकर्षित करने का एक जरिया बनेगा। केंद्र सरकार का मुख्य फोकस देश में सुरक्षित, तेज और विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी नेटवर्क तैयार करना है, जिसकी दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।