आधार कार्ड में नाम या शादी के बाद सरनेम बदलना हुआ आसान: UIDAI ने जारी की नई SOP, जानें नियम और फीस

आधार कार्ड में नाम या शादी के बाद सरनेम बदलना हुआ आसान: UIDAI ने जारी की नई SOP, जानें नियम और फीस

बैंकिंग से लेकर इनकम टैक्स, सिम कार्ड और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड देश का सबसे अनिवार्य पहचान दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में अगर आपके आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत दर्ज हो गई है या फिर शादी के बाद नाम या सरनेम में बदलाव कराना है, तो यह खबर आपके बेहद काम की है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड में नाम अपडेट करने की पूरी प्रक्रिया को लेकर नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर दी है। इस नई गाइडलाइन में नाम में छोटी-मोटी स्पेलिंग गलतियों को ठीक करने से लेकर शादी, तलाक और कानूनी तौर पर पूरा नाम बदलने जैसी अलग-अलग परिस्थितियों के लिए स्पष्ट नियम तय किए गए हैं।

सबसे पहले नागरिकों के लिए यह समझना जरूरी है कि आधार में नाम में बदलाव या सुधार की सुविधा सामान्य रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है। ऑनलाइन माध्यम से केवल पते (Address) को अपडेट किया जा सकता है, जबकि नाम जैसे महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफिक) विवरण में बदलाव के लिए नजदीकी आधार नामांकन केंद्र (Aadhaar Enrolment Centre) या आधार सेवा केंद्र पर व्यक्तिगत रूप से जाना अनिवार्य है। सेंटर पर जाकर आवेदक को आधार अपडेट फॉर्म भरना होगा, जिसमें नया और सही नाम दर्ज करना होता है। वहां मौजूद ऑपरेटर आपके जरूरी सहायक दस्तावेजों (Supporting Documents) का सत्यापन करेगा, जिसके बाद सिस्टम में अपडेट रिक्वेस्ट दर्ज कर दी जाएगी और आपको एक रसीद थमा दी जाएगी, जिस पर 14 अंकों का अपडेट रिक्वेस्ट नंबर (URN) दर्ज होगा। इस यूआरएन की मदद से आप घर बैठे अपने आवेदन का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।

पूरी जिंदगी में सिर्फ दो बार बदल सकते हैं आधार में नाम

शादी के बाद महिलाओं द्वारा पति या ससुराल का सरनेम जोड़ने या बदलने के मामलों के लिए नई एसओपी में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर अगर किसी महिला का नाम पहले 'पूनम रॉय' था और विवाह के उपरांत वह अपना नाम 'पूनम हरीश रॉय' दर्ज कराना चाहती है, तो वह अपने वैध मैरिज सर्टिफिकेट (Marriage Certificate) और संबंधित पहचान दस्तावेजों के जरिए इसे आसानी से अपडेट करा सकती हैं। ठीक इसी प्रकार, तलाक की स्थिति में भी कानूनी दस्तावेजों के आधार पर पूर्व नाम दोबारा बहाल कराने की पारदर्शी व्यवस्था की गई है।

यदि आपके आधार कार्ड में नाम की सिर्फ एक-दो अक्षरों की स्पेलिंग में गड़बड़ी है, तो उसके लिए पूरे नाम बदलने की जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। इसे नई गाइडलाइन में 'माइनर नेम चेंज' (Minor Name Change) श्रेणी में रखा गया है। कई बार ऐसा देखा जाता है कि नागरिक ने आधार बनवाते समय सही दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, लेकिन ऑपरेटर द्वारा डेटा एंट्री में क्लर्कियल गलती हो गई; ऐसे मामलों में भी वैध पहचान पत्र दिखाकर फौरन नाम संशोधित कराया जा सकता है।

UIDAI के तय नियमों के मुताबिक कोई भी नागरिक अपने पूरे जीवनकाल में सामान्य प्रक्रिया के तहत केवल दो बार ही आधार में नाम अपडेट करा सकता है। अगर किसी व्यक्ति की यह निर्धारित सीमा समाप्त हो जाती है और उसे दोबारा नाम बदलवाने की सख्त जरूरत पड़ती है, तो उसे विशेष छूट प्रक्रिया (Exception Handling Process) का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे असाधारण मामलों में आधार सेंटर पर आवेदन करने के बाद यूआरएन पर्ची और गजट नोटिफिकेशन जैसे दस्तावेजों के साथ यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करना होता है। फीस की बात करें तो यूआईडीएआई के मौजूदा नियमों के तहत नाम, जेंडर, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी जैसे किसी भी डेमोग्राफिक विवरण को अपडेट कराने के लिए 75 रुपये का आधिकारिक शुल्क निर्धारित है। ध्यान रहे कि आवेदन करते समय आपके सहायक दस्तावेजों में नाम और पता पूरी तरह मेल खाना चाहिए, ताकि सत्यापन के दौरान रिक्वेस्ट खारिज न हो।