वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालु ध्यान दें: भारी बारिश के बाद भयानक भूस्खलन, नए ट्रैक पर रोकी गई आवाजाही! राहत कार्य जारी

वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालु ध्यान दें: भारी बारिश के बाद भयानक भूस्खलन, नए ट्रैक पर रोकी गई आवाजाही! राहत कार्य जारी

त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित विश्व प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर सामने आ रही है। जम्मू-कश्मीर के कटड़ा और आसपास के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण माता वैष्णो देवी मार्ग पर एक बड़ा भूस्खलन (Landslide) हुआ है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) और स्थानीय प्रशासन ने नए ताराकोट-मार्ग (हिमकोटि मार्ग) पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया है। प्रभावित इलाके में मलबे को हटाने और राहत कार्य के लिए रेस्क्यू टीमें तुरंत तैनात कर दी गई हैं।

पहाड़ियों से गिरे बड़े-बड़े बोल्डर, बाल-बाल बचे श्रद्धालु

प्रत्यक्षदर्शियों और श्राइन बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक, कटड़ा से भवन की ओर जाने वाले नए ट्रैक पर अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे आ गिरा। मलबे के साथ भारी मात्रा में मिट्टी और बड़े-बड़े पत्थर (Bolders) ट्रैक पर आ गए। गनीमत यह रही कि भूस्खलन की आहट मिलते ही वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने इस पूरे नए मार्ग को बंद कर दिया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

पुराने पारंपरिक मार्ग से जारी है यात्रा, मौसम विभाग की चेतावनी

नए ट्रैक को बंद किए जाने के बाद, फिलहाल श्रद्धालुओं को पुराने और पारंपरिक सांझीछत मार्ग से भवन की ओर भेजा जा रहा है। हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण पुराने मार्ग पर भी श्रद्धालुओं को बेहद सावधानी से आगे बढ़ने की हिदायत दी जा रही है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए रियासी और कटड़ा जिले सहित जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति देखकर और आधिकारिक अपडेट्स लेने के बाद ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

युद्ध स्तर पर रेस्क्यू और मलबा हटाने का काम शुरू

भूस्खलन की सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन दल (SDRF), श्राइन बोर्ड के कर्मचारी और पुलिस बल के जवान मौके पर पहुंच गए हैं। भारी मशीनों और जेसीबी (JCB) की मदद से ट्रैक से बोल्डर और मिट्टी हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। हालांकि, लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश और धुंध के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन और ट्रैक की सफाई करने में रुकावटें आ रही हैं। श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि जब तक ट्रैक पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हो जाता और मौसम साफ नहीं होता, तब तक नए मार्ग को दोबारा नहीं खोला जाएगा।

श्रद्धालुओं के लिए हेल्पलाइन नंबर और सुरक्षा गाइडलाइंस जारी

कटड़ा बेस कैंप और भवन पर फंसे यात्रियों की मदद के लिए श्राइन बोर्ड ने विशेष नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया है। लाउडस्पीकर के जरिए लगातार यात्रियों को मौसम और रास्ते की जानकारी दी जा रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान छाता, बरसाती (Raincoat) और जरूरी दवाइयां अपने साथ रखें और ट्रैक पर बने शेल्टरों के नीचे ही रुकें। पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास खड़े होने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।

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