28 जुलाई तक भूलकर भी न जाएँ हिमाचल! मौसम विभाग की सबसे बड़ी चेतावनी, इन 5 जिलों पर ख़तरा
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार रात से रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला जारी है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 जुलाई तक पूरे प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। वहीं, आज बुधवार के लिए कांगड़ा और मंडी जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में येलो अलर्ट लागू रहेगा।
कांगड़ा की बोह घाटी में बादल फटने से भारी तबाही, 18 मकान और स्कूल मलबे में दबे
कांगड़ा जिले की बोह घाटी में मंगलवार को हुए भयानक क्लाउडबर्स्ट (बादल फटने) के बाद मंज़र खौफनाक है। मूसलाधार बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण रूलेहड़, बंगार, गढ़गूंन और स्पैड़ा गांवों में 18 मकान, 9 गोशालाएं और एक प्राथमिक विद्यालय मलबे की चपेट में आकर जमींदोज हो गए। हादसे में 3 महिलाएं घायल हुई हैं जबकि 9 मवेशियों की दबने से मौत हो गई। प्रशासन की टीमें प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्य में जुटी हैं।
कुल्लू में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद, सिरमौर में खुले स्कूल
सुरक्षा के मद्देनज़र कुल्लू जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। लगातार बारिश, भूस्खलन और सड़कें ठप होने के चलते आनी, बंजार और निरमंड उपमंडलों में आज बुधवार को सभी सरकारी व निजी स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, कॉलेज और आईटीआई (ITI) बंद रखे गए हैं। दूसरी ओर, सिरमौर जिले में दो दिन की बंदी के बाद आज से स्कूल-कॉलेज खुल गए हैं, हालांकि वहां 17 सड़कें और 23 पेयजल योजनाएं बारिश से प्रभावित हैं।
शिमला के मशोबरा में रिकॉर्ड 117.5 मिमी बारिश, राजधानी में गिरे पेड़
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक बारिश शिमला जिले के मशोबरा में 117.5 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा बिलासपुर के नैना देवी में 106.4 मिमी, ऊना के नंगल डैम में 90 मिमी और कुफरी में 74.2 मिमी बारिश हुई।
राजधानी शिमला के टूटीकंडी (ओल्ड बैरियर) में बारिश के चलते 4 विशालकाय पेड़ सीधे रिहायशी मकानों की टीन की छतों पर जा गिरे। गनीमत यह रही कि परिवार के लोग समय रहते बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वहीं, लिफ्ट के पास राजीव भवन (कांग्रेस कार्यालय) के सामने पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर वाहन चालकों को सतर्क रहने को कहा है।
150 से अधिक सड़कें बंद, नदी-नालों से दूर रहने की सख्त हिदायत
लगातार हो रहे भूस्खलन और मलबे के कारण पूरे प्रदेश में करीब 150 छोटी-बड़ी सड़कें बंद हैं, जिन्हें खोलने के लिए जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। राज्य आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने स्थानीय निवासियों व पर्यटकों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और संवेदनशील ढाँचों से पूरी तरह दूर रहने और केवल अति-आवश्यक होने पर ही सफर करने की अपील की है।