सितंबर में घरेलू फ्लाइट्स में 6.49% की गिरावट, 2466 शिकायतें दर्ज
भारतीय विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) और हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सितंबर का महीना बेहद निराशाजनक और परेशानियों भरा रहा है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से हाल ही में जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर महीने में घरेलू एयरलाइंस के जरिए सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में पिछले महीने की तुलना में 6.49 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले यात्रियों की संख्या में आई इस अचानक कमी ने एयरलाइंस कंपनियों और पर्यटन उद्योग की चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ ही, विमानन सेवाओं की खराब गुणवत्ता, उड़ानों के लगातार लेट होने, बिना किसी पूर्व सूचना के फ्लाइट्स रद्द किए जाने और सामान खोने जैसी समस्याओं को लेकर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा है। सितंबर के पूरे महीने के दौरान देश भर के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर एयरलाइंस के खिलाफ कुल 2,466 आधिकारिक शिकायतें दर्ज की गईं, जो यह साबित करने के लिए काफी हैं कि यात्रियों को मौजूदा समय में हवाई सफर के दौरान कितनी भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर: खराब समय की पाबंदी और यात्रियों की बढ़ती परेशानियों का पूरा सच
डीजीसीए (DGCA) की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर माह में उड़ानों की समय पर आवाजाही यानी 'ऑन-टाइम परफॉर्मेंस' (OTP) में भी काफी गिरावट देखने को मिली है। खराब मौसम, तकनीकी खराबी और एयर ट्रैफिक कंजेशन (ATC Congestion) का हवाला देकर एयरलाइंस कंपनियां अपनी जिम्मेदारियों से बचती नजर आ रही हैं, लेकिन इसका खामियाजा आम यात्रियों को अपनी जेब ढीली करके और घंटों एयरपोर्ट पर बैठकर भुगतना पड़ रहा है। दर्ज की गई 2,466 शिकायतों में सबसे अधिक मामले उड़ानों के देरी से उड़ने, रिफंड मिलने में हो रही अत्यधिक देरी और ग्राउंड स्टाफ के असहयोगात्मक रवैये से जुड़े हुए हैं। यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइंस कंपनियां टिकट बुकिंग के समय तो भारी-भरकम किराए वसूल लेती हैं, लेकिन जब सेवा देने की बारी आती है तो वे यात्रियों के अधिकारों का पूरी तरह से हनन करती हैं। देश के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद एयरपोर्ट्स पर यात्रियों का यह असंतोष सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग एयरलाइंस की मनमानी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घरेलू एयरलाइंस ने अपनी सेवाओं, ग्राउंड ऑपरेशंस और फ्लाइट शेड्यूल में जल्द सुधार नहीं किया, तो आगामी त्योहारी और सर्दियों के सीजन में यह संकट और अधिक गहरा सकता है। डीजीसीए ने भी सभी विमानन कंपनियों को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए निर्देश दिया है कि वे यात्रियों की शिकायतों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर करें और उड़ानों की समयबद्धता में सुधार लाएं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, और यदि कोई एयरलाइंस नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भारी आर्थिक जुर्माने सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भारतीय विमानन बाजार दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है, ऐसे में इस तरह की लगातार गिरावट और खराब सेवाएं देश की छवि पर भी सवाल खड़े करती हैं। यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में विमानन मंत्रालय की सख्ती के बाद स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा और उनका हवाई सफर फिर से सुगम और सुरक्षित बन सकेगा।