एक तरफ आग, दूसरी तरफ 4 गैस सिलेंडर, दिल्ली पुलिस ने ऐसे टाला बड़ा हादसा

एक तरफ आग, दूसरी तरफ 4 गैस सिलेंडर, दिल्ली पुलिस ने ऐसे टाला बड़ा हादसा

राजधानी दिल्ली के एक घने रिहायशी इलाके में बीते दिन उस वक्त अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई, जब एक बहुमंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल में अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की विकराल लपटें और धुएं का काला गुबार पूरे इलाके को अपनी आगोश में लेने लगा। लेकिन असली खौफ और खतरे की बात तब सामने आई जब यह पता चला कि जलते हुए कमरे के ठीक बगल में रसोई के चार बड़े और भरे हुए एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर रखे हुए हैं। जरा सी भी देर होने या सिलेंडर के फटने से पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो सकती थी और दर्जनों लोगों की जान जा सकती थी। इस भयावह और सांसे थाम देने वाले मंजर के बीच दिल्ली पुलिस के जांबाज जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर जो किया, उसने एक बहुत बड़े और प्रलयकारी हादसे को टाल दिया।

घने रिहायशी इलाके में अचानक भड़की आग और चारों तरफ छाया मौत का सन्नाटा

यह दिल दहला देने वाली घटना दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाके की है, जहां तंग गलियों और सटकर बनी इमारतों के कारण कोई भी अग्निकांड पल भर में बड़ा रूप ले लेता है। दोपहर के वक्त अचानक एक मकान के कमरे से धुएं का गुबार उठते देख आसपास के लोग सन्न रह गए। देखते ही देखते आग की लपटें खिड़कियों से बाहर निकलने लगीं और अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगाने लगे। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जिसने देखते ही देखते कमरे में रखे सोफे, पर्दे और लकड़ी के सामान को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि आसपास के मकानों में रहने वाले लोग भी खौफ के मारे सड़कों की तरफ भागने लगे।

जब सामने आई 4 एलपीजी सिलेंडरों की मौजूदगी, थम गईं हर किसी की सांसें

जैसे ही घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को मिली, स्थानीय थाने की गश्ती टीम और पीसीआर वैन में तैनात पुलिसकर्मी बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तंग गलियों के कारण दूर फंसी हुई थीं, लेकिन पुलिसकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए खुद मोर्चा संभाल लिया। इसी बीच घर के मालिक ने बदहवास हालत में पुलिस को बताया कि जिस कमरे में आग धधक रही है, उसके ठीक पास ही चार एलपीजी गैस सिलेंडर रखे हुए हैं। यदि आग की तपिश उन सिलेंडरों तक पहुंच जाती, तो एक के बाद एक होने वाले धमाके पूरी गली को श्मशान में तब्दील कर देते। यह सुनते ही मौके पर मौजूद हर शख्स का कलेजा कांप उठा।

पुलिस के जांबाज सिपाहियों ने जान पर खेलकर जलती आग के बीच से निकाले सिलेंडर

खतरे के इस भीषण गुबार को देखकर भी दिल्ली पुलिस के जांबाज जवानों ने अपने कदम पीछे नहीं खींचे। अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना और वर्दी का फर्ज निभाते हुए पुलिसकर्मी जलती हुई इमारत की ओर दौड़ पड़े। चारों तरफ फैला जहरीला धुआं और आंखें झुलसा देने वाली गर्मी के बावजूद जवान सीढ़ियों से ऊपर पहुंचे। कमरे के मुहाने तक पहुंच चुकी आग की लपटों के बीच से पुलिसकर्मियों ने एक-एक करके चारों भारी गैस सिलेंडरों को अपने कंधों और हाथों में उठाया और सुरक्षित तरीके से नीचे लाकर खुले मैदान में रख दिया। जवानों के इस अदम्य साहस को देखकर वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखों में आंसू आ गए और पूरा इलाका 'दिल्ली पुलिस जिंदाबाद' के नारों से गूंज उठा।

दमकल गाड़ियों की एंट्री और स्थानीय लोगों के सहयोग से पाया गया काबू

गैस सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद पुलिसकर्मियों ने तुरंत पड़ोसियों की मदद से पानी की बाल्टियों और उपलब्ध पाइपों से आग पर काबू पाना शुरू किया। कुछ ही देर में तंग गलियों से होते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं और दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह से बुझा दिया। इस पूरे राहत और बचाव अभियान में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी भी नागरिक या पुलिसकर्मी को गंभीर चोट नहीं आई। स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए (RWA) के पदाधिकारियों ने दिल्ली पुलिस के इन जांबाज सिपाहियों की सूझबूझ और अदम्य साहस की जमकर तारीफ की है।

दिल्ली पुलिस की जांबाजी को सलाम, उपराज्यपाल और वरिष्ठ अधिकारियों ने थपथपाई पीठ

इस साहसिक कारनामे की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और वरिष्ठ प्रशासनिक महकमे ने मौके पर तैनात पूरी टीम की पीठ थपथपाई है। पुलिस कमिश्नर और आला अफसरों ने कहा कि अगर जवानों ने त्वरित निर्णय लेकर अपनी जान जोखिम में न डाली होती, तो आज दिल्ली एक बड़े और दर्दनाक हादसे का गवाह बन सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दिल्ली पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में मुस्तैद है, बल्कि हर मुश्किल घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बिना जनता की सुरक्षा के लिए सबसे आगे खड़ी रहती है।