4 राज्यों में महासंग्राम शुरू! 28 सीटों पर वोटिंग से हिली सियासत, 27 अक्टूबर को फटेगा नतीजों का 'सियासी बम'

4 राज्यों में महासंग्राम शुरू! 28 सीटों पर वोटिंग से हिली सियासत, 27 अक्टूबर को फटेगा नतीजों का 'सियासी बम'

भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी दलों के बीच एक बार फिर सियासी जोर-आजमाइश का मैदान सज गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की विधान परिषद (लेजिस्लेटिव काउंसिल) सीटों के लिए शुक्रवार सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शुरू हो चुका है, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। चारों राज्यों में होने वाले इस मतदान के नतीजे आगामी 27 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। चुनावी जानकारों के मुताबिक, यह चुनाव केवल उच्च सदन की सीटों का फैसला नहीं करेगा, बल्कि आगामी बड़े विधानसभा चुनावों से पहले जनता और शिक्षित मतदाताओं के मूड का स्पष्ट संकेत भी देगा।

चारों राज्यों के गणित में सबसे ज्यादा सियासी हलचल उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रही है, जहां अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले 11 सीटों पर भाजपा और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी (SP) में सीधा आमने-सामने का टकराव है। इन 11 सीटों में से पांच ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र (लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी) और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर-फैजाबाद और बरेली-मुरादाबाद) शामिल हैं। भाजपा के पास इनमें से छह मौजूदा सीटें हैं और वह अपनी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की रणनीति को धार देने के लिए पूरा जोर लगा रही है। दूसरी ओर, 2024 के लोकसभा चुनावों में 80 में से 37 सीटें जीतकर अपना दबदबा साबित करने वाली समाजवादी पार्टी अपने तीन मौजूदा एमएलसी के अलावा अन्य सीटों पर कब्जा जमाकर अपनी जमीनी पकड़ को और मजबूत करना चाहती है।

उधर, बिहार में 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों समेत कुल 8 सीटों पर जारी मतदान एनडीए के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। हालांकि, सत्तारूढ़ गठबंधन ने 2025 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी, लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अभेद्य गढ़ बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के हाथों मिली हार ने समीकरण बदल दिए हैं। सबसे बड़ा सियासी ड्रामा पटना स्नातक सीट पर देखने को मिल रहा है, जहां जेडीयू के मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह ने खुलेआम अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ बगावत कर दी है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के मनाने के बावजूद अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को खुला समर्थन दिया है और आरोप लगाया है कि नीरज कुमार ने पिछले विधानसभा चुनाव में उनके खिलाफ भीतरघात किया था।

महाराष्ट्र की पांच सीटों—पुणे ग्रेजुएट्स, नागपुर ग्रेजुएट्स, छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट्स, पुणे टीचर्स और अमरावती टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी का महायुति गठबंधन सभी सीटों पर जीत का दावा कर रहा है। वहीं, महा विकास अघाड़ी (MVA) 2024 विधानसभा चुनाव के झटकों से उबरकर वापसी की पुरजोर कोशिश में जुटी है। दक्षिण भारत के एकमात्र विपक्षी शासित राज्य कर्नाटक में चार सीटों (साउथ-ईस्ट ग्रेजुएट्स, वेस्ट ग्रेजुएट्स, नॉर्थ-ईस्ट टीचर्स और बेंगलुरु टीचर्स) पर सीधी भिड़ंत है। यह मुकाबला भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन के आपसी तालमेल की परीक्षा लेने के साथ-साथ सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस के कैडर और जनाधार का पहला सबसे बड़ा लिटमस टेस्ट साबित होने जा रहा है।