'मुझे बलि का बकरा बनाया गया...' मेस्सी के इवेंट में भगदड़ पर फूटा आयोजक का गुस्सा, पूर्व DGP और पूर्व खेल मंत्री पर दर्ज कराया केस

'मुझे बलि का बकरा बनाया गया...' मेस्सी के इवेंट में भगदड़ पर फूटा आयोजक का गुस्सा, पूर्व DGP और पूर्व खेल मंत्री पर दर्ज कराया केस

पश्चिम बंगाल में पिछले साल फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम के दौरान हुई भारी अव्यवस्था और भगदड़ के मामले में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। इस मेगा इवेंट के मुख्य आयोजक सताद्रु दत्त ने राज्य के पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास और पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार समेत चार रसूखदार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। सताद्रु दत्त का सीधा आरोप है कि साल्ट लेक स्टेडियम में मची उस खतरनाक अफरा-तफरी के असली जिम्मेदार ये नेता और अधिकारी हैं, जबकि इस पूरे मामले में उन्हें जबरन "बलि का बकरा" बनाकर जेल भेज दिया गया था।

रसूखदारों के खिलाफ नामजद FIR, वीआईपी एंट्री के चक्कर में तोड़ा सुरक्षा चक्र

आयोजक सताद्रु दत्त ने विधाननगर दक्षिण थाने में जो लिखित शिकायत दर्ज कराई है, उसमें तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य व पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास, कोलकाता नगर निगम की पार्षद जुइन विश्वास और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सचिव शांतनु बसु को नामजद किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 13 दिसंबर 2025 को विवेकानंद युवा भारती क्रीडांगण (साल्ट लेक स्टेडियम) में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान वीआईपी और अनाधिकृत लोगों को जबरन मैदान के प्रतिबंधित सुरक्षा क्षेत्र में घुसाया गया। इन रसूखदारों की मनमानी के कारण स्टेडियम की पूरी सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी और कार्यक्रम में भारी व्यवधान पैदा हुआ।

'मुंह खोला तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम', जेल से आने के बाद आयोजक का बड़ा खुलासा

इस मामले में गिरफ्तारी के बाद 38 दिनों तक जेल की सलाखों के पीछे रहने वाले सताद्रु दत्त ने अब प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव को लेकर बेहद सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें और उनके पूरे परिवार को लगातार जान से मारने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थीं। दत्त ने साफ शब्दों में कहा, "मेरे पास उस वक्त चुप रहने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था। अगर राज्य में सत्ता का परिवर्तन नहीं हुआ होता, तो मैं आज भी इन ताकतवर लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत कभी नहीं जुटा पाता।" बता दें कि यह कार्रवाई भाजपा सरकार के नवनियुक्त खेल मंत्री निशीथ प्रामाणिक द्वारा मेस्सी प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देने के तुरंत बाद हुई है।

22 हजार फ्री टिकटों की वसूली और कालाबाजारी, मंत्री पद के दुरुपयोग का संगीन आरोप

शिकायत कॉपी के मुताबिक, पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास पर अपने पद का घोर दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं। आयोजक का कहना है कि पूर्व मंत्री ने उन पर दबाव बनाकर वीवीआईपी, वीआईपी और सामान्य श्रेणी के लगभग 22,000 मुफ्त टिकट (कॉप्लीमेंट्री पास) ऐंठे थे, जिन्हें बाद में ऊंचे दामों पर ब्लैक मार्केट में बेचा गया। इतना ही नहीं, मंत्री के करीबियों को लियोनेल मेस्सी के बिल्कुल नजदीक ले जाने के लिए आखिरी वक्त पर 10,000 अतिरिक्त पास बनाने का भी दबाव डाला गया। इन अनाधिकृत लोगों ने मैदान में घुसकर मेस्सी के साथ बदतमीजी की और उन्हें परेशान किया, जिससे तंग आकर फुटबॉल स्टार को वहां से तुरंत जाना पड़ा और हजारों फैंस का दिल टूट गया। महंगे टिकट खरीदने के बावजूद दर्शक मेस्सी की एक झलक को तरस गए और गुस्से में आकर स्टेडियम में तोड़फोड़ कर दी थी।

पूर्व मंत्री और अफसरों पर ठोकेंगे 100 करोड़ का मुकदमा, कोर्ट जाने की तैयारी

पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ पहले से तय सुरक्षा प्रोटोकॉल को ताक पर रखने की इस कहानी के सामने आने के बाद अब कानूनी लड़ाई और तेज होने वाली है। आयोजक सताद्रु दत्त ने कहा है कि वह इस नाइंसाफी के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। वह पूर्व खेल मंत्री और अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में 50-50 करोड़ रुपये के दो अलग-अलग दीवानी मुकदमे (Civil Suits) दायर करने जा रहे हैं। इसमें से पहला मुकदमा इवेंट में हुए भारी वित्तीय नुकसान के मुआवजे के लिए होगा, जबकि दूसरा मुकदमा उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और छवि को धूमिल करने के खिलाफ मानहानि का होगा।

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