'क्या संघ को ये मंजूर है?' उद्धव ठाकरे ने RSS का नाम लेकर फडणवीस और शिंदे को घेरा, राजनीति गरमाई

'क्या संघ को ये मंजूर है?' उद्धव ठाकरे ने RSS का नाम लेकर फडणवीस और शिंदे को घेरा, राजनीति गरमाई

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला है। ठाकरे ने सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का जिक्र करते हुए भाजपा के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और 'पंख काटने' वाले मुहावरे पर सवाल उठाए हैं।

'संघ के पसंदीदा नेता को रोकने की साजिश?'

उद्धव ठाकरे ने भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या संघ को यह मंजूर है कि जिस नेता को संघ पसंद करता है, उसे प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए राजनीतिक जोड़-तोड़ की जा रही है? उन्होंने नितिन गडकरी का नाम लेते हुए कहा, "क्या पहले नितिन गडकरी के साथ भी वही नहीं हुआ? गडकरी और फडणवीस दोनों को संघ का समर्थन प्राप्त रहा है। अगर संघ की पसंद के व्यक्ति को किनारे किया जा रहा है, तो क्या संघ को इसकी मंजूरी है? अगर है, तो इसका मतलब है कि हम भी उनके गुलाम बन गए हैं।" उन्होंने जेपी नड्डा के उस पुराने बयान का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा को अब संघ की आवश्यकता नहीं है।

'पंख काटने' वाले बयान पर फडणवीस को नसीहत

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हालिया बयान— 'मैं कोई पक्षी नहीं हूं, मेरे पंख कैसे काटे जा सकते हैं'— पर तंज कसते हुए उद्धव ने कहा, "यह सिर्फ एक मुहावरा है। अगर फडणवीस को मराठी भाषा समझ नहीं आ रही है, तो उन्हें विधानसभा अध्यक्ष से मराठी सीख लेनी चाहिए।" उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जो खुद मराठी ठीक से नहीं पढ़ सकते, वे महाराष्ट्र का प्रशासन चला रहे हैं।

'दिल्ली के आगे समर्पित हैं सीएम'

उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री फडणवीस की स्थिति को 'जी-हुजूर' वाली बताते हुए कहा, "फडणवीस को सब कुछ समझ आ रहा है, लेकिन न तो वे इसे सह पा रहे हैं और न ही कुछ कह पा रहे हैं। वे अपनी ताकत से मुख्यमंत्री नहीं बने हैं, बल्कि दिल्ली के नेताओं की मेहरबानी पर कुर्सी पर बैठे हैं। उनकी स्थिति साईं बाबा के चरणों में समर्पित होने जैसी है— 'जब तक आप कहेंगे तब तक बैठा रहूंगा, आप कहेंगे उठो तो उठ जाऊंगा'।"

'बालासाहेब ठाकरे एक विचार हैं'

शिवसेना यूबीटी प्रमुख ने एकनाथ शिंदे और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे की जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने कहा, "उद्धव ठाकरे एक व्यक्ति हो सकता है, लेकिन बालासाहेब एक विचार हैं। चाहे कितनी भी 'शाह सेना' आ जाए, उनके स्वाभिमान के विचार को खत्म नहीं किया जा सकता।"