जामिया प्रोटेस्ट: इकोनॉमिक्स कॉरिडोर पर छात्रों का कब्जा, विभागाध्यक्ष ने पुलिस से लगाई गुहार, 3 सांसदों पर FIR
राजधानी दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय एक बार फिर भारी बवाल और छात्रों के उग्र विरोध प्रदर्शन का अखाड़ा बन चुका है। विश्वविद्यालय के इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट के मुख्य कॉरिडोर पर प्रदर्शनकारी छात्रों ने पूरी तरह से अपना कब्जा जमा लिया है, जिससे पढ़ाई-लिखाई और प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। हालात को बेकाबू होते देख विभागाध्यक्ष (HOD) ने तुरंत दिल्ली पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं दूसरी ओर, इस पूरे मामले ने तब बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया जब प्रदर्शन में शामिल होने और छात्रों को उकसाने के आरोप में तीन प्रमुख सांसदों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
इकोनॉमिक्स कॉरिडोर पर छात्रों का कब्जा और जामिया कैंपस में तनावपूर्ण माहौल
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के इकोनॉमिक्स विभाग के मुख्य कॉरिडोर में बीते कई घंटों से सैकड़ों छात्र धरने पर बैठे हुए हैं। छात्रों के अचानक इस कदम से पूरे कैंपस में भारी तनाव फैल गया है। प्रदर्शनकारी छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। कॉरिडोर पर छात्रों के पूरी तरह से काबिज हो जाने के कारण कक्षाओं का संचालन बंद हो गया है और शिक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो चुकी है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी के गार्ड्स मौके पर तैनात हैं, लेकिन छात्रों के भारी हुजूम के आगे वे असहाय नजर आ रहे हैं।
विभागाध्यक्ष की पुलिस से गुहार और विश्वविद्यालय प्रशासन का सख्त रुख
इकोनॉमिक्स विभाग में बिगड़ते हालात और शैक्षणिक माहौल के पूरी तरह से तबाह होने पर विभागाध्यक्ष ने गहरी चिंता व्यक्त की है। विभागाध्यक्ष ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस स्टेशन और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर तुरंत पुलिस बल तैनात करने की अपील की है। विभागाध्यक्ष का कहना है कि छात्रों का यह अवैधानिक कब्जा न केवल आम विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि इससे कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था भी खतरे में पड़ गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी चेतावनी जारी की है कि यदि छात्रों ने तुरंत कॉरिडोर खाली नहीं किया, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन में पहुंचे 3 सांसदों पर FIR दर्ज, राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस छात्र आंदोलन ने उस वक्त एक बड़ा कूटनीतिक और राजनीतिक रूप ले लिया जब तीन संसद सदस्य (MP) छात्रों के समर्थन में जामिया परिसर के बाहर पहुंचे और सभा को संबोधित किया। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि इन जनप्रतिनिधियों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के संवेदनशील इलाके में धारा 144 का उल्लंघन किया और छात्रों को उकसाने का काम किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों सांसदों के खिलाफ शांति भंग करने, अवैध रूप से भीड़ इकट्ठा करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस एफआईआर के बाद से ही राजधानी की राजनीति गर्मा गई है और विभिन्न दलों के नेता एक-दूसरे पर जमकर हमला बोल रहे हैं।
पुलिस बल की तैनाती और शांति बहाली के प्रयास जारी
जामिया नगर और विश्वविद्यालय परिसर के आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी घटना को रोका जा सके। दिल्ली पुलिस के आला अफसर लगातार विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं और वार्ता के जरिए छात्रों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सांसदों पर दर्ज एफआईआर को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं। आने वाले घंटों में यह देखना बेहद अहम होगा कि पुलिस और प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे को बिना किसी हिंसा के कैसे सुलझा पाता है।