मुंबई में लोकट ट्रेन अटकने से हाहाकार, ट्रेनें रुकीं तो रेल पटरियों पर उतरे लोग; 3 की मौत, रेलवे ने दिए जांच के आदेश

मुंबई में लोकट ट्रेन अटकने से हाहाकार, ट्रेनें रुकीं तो रेल पटरियों पर उतरे लोग; 3 की मौत, रेलवे ने दिए जांच के आदेश

मायानगरी मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा के अचानक ठप हो जाने से आज व्यस्त समय (Peak Hours) के दौरान स्टेशन और पटरियों पर अभूतपूर्व अराजकता का माहौल बन गया। मध्य रेलवे (Central Railway) के मुख्य मार्ग पर तकनीकी खराबी के कारण एक लोकल ट्रेन सिग्नल और ओवरहेड वायर (OHE) की समस्या की वजह से बीच रास्ते में ही थम गई। भीषण गर्मी, उमस और डिब्बों के भीतर बढ़ती घुटन से परेशान होकर सैकड़ों की संख्या में यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर लोकल ट्रेन से नीचे उतर आए और पैदल ही पटरियों के सहारे नजदीकी स्टेशन की ओर बढ़ने लगे। इसी बीच एक तरफ से आती तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से कई लोग दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिससे मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा।

पटरियों पर ट्रेन की चपेट में आने से 3 यात्रियों की दर्दनाक मौत: घायलों का इलाज जारी

इस दिल दहला देने वाली घटना में कम से कम 3 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जैसे ही हादसा हुआ, स्थानीय लोगों और जीआरपी (GRP) व आरपीएफ (RPF) के जवानों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। घायलों को नजदीकी नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ लोगों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। रेलवे पटरियों पर बिखरे सामान और यात्रियों के जूते-चप्पल इस भयानक त्रासदी की भयावहता को बयां कर रहे हैं। इस दुखद घटना के बाद उग्र यात्रियों ने रेलवे प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।

मध्य रेलवे का परिचालन ठप: स्टेशनों पर जुटी भारी भीड़ और यात्रियों को हुई भारी परेशानी

हादसे और यात्रियों के पटरियों पर उतरने के बाद मध्य रेलवे की मेन लाइन पर उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से ठप हो गया। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), दादर, कुर्ला और ठाणे जैसे बड़े और व्यस्त स्टेशनों पर हजारों की संख्या में यात्री फंस गए और प्लेटफॉर्मों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। काम पर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और दैनिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन द्वारा लाउडस्पीकर के जरिए घोषणाएं की गईं और वैकल्पिक बसों का इंतजाम किया गया, लेकिन भीड़ इतनी अधिक थी कि यातायात व्यवस्था को सामान्य करने में घंटों का समय लग गया।

रेलवे प्रशासन ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश: क्या ओवरहेड वायर की नाकामी थी वजह?

इस गंभीर दुर्घटना और मौतों के बाद मध्य रेलवे के महाप्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जीएम ने घोषणा की है कि एक विशेष समिति का गठन किया गया है जो तकनीकी खराबी के कारणों और यात्रियों के पटरियों पर उतरने के दौरान अपनाई गई सुरक्षा प्रक्रियाओं की जांच करेगी। रेलवे अधिकारियों ने मृतक यात्रियों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और अनुग्रह राशि (Ex-gratia payment) देने का ऐलान किया है। साथ ही रेलवे ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में धैर्य बनाए रखें और चलती ट्रेनों के बीच पटरियों पर उतरने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।