Maharashtra Politics: जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब महाराष्ट्र में चला 'मिडनाइट शो'! फडणवीस से मिले NCP के दोनों धड़ों के बड़े नेता, क्या फिर पलटेगी बाजी?

Maharashtra Politics: जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब महाराष्ट्र में चला 'मिडनाइट शो'! फडणवीस से मिले NCP के दोनों धड़ों के बड़े नेता, क्या फिर पलटेगी बाजी?

महाराष्ट्र की सियासत में 'मिडनाइट ड्रामा' कोई नई बात नहीं है, लेकिन मंगलवार (14 जुलाई 2026) की देर रात मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के सरकारी आवास 'वर्षा' पर जो कुछ हुआ, उसने पूरे देश के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है।

जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे, तब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बंगले पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों धड़ों—अजित पवार गुट और शरद पवार गुट—के बड़े नेताओं ने गुप्त बैठकें कीं। इस 'मिडनाइट शो' के बाद से राज्य में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें बेहद तेज हो गई हैं और अब सभी की नजरें 85 वर्षीय चाणक्य शरद पवार (Sharad Pawar) के रुख पर टिक गई हैं।

आखिर आधी रात को 'वर्षा' बंगले पर क्या हुआ?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की देर रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने एनसीपी के दोनों गुटों के शीर्ष नेता पहुंचे।

  • शरद पवार गुट से जयंत पाटिल: शरद पवार के बेहद भरोसेमंद और एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने पहले शरद पवार के आवास 'सिल्वर ओक' पर उनसे चर्चा की और उसके बाद सीधे देवेंद्र फडणवीस से मिलने पहुंचे।

  • अजित पवार गुट से प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे: ठीक इसी दौरान सत्तारूढ़ एनसीपी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे भी मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पहुंचे।

हालांकि, दोनों गुटों के नेताओं ने दावा किया है कि वे अपने-अपने व्यक्तिगत और निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से अलग-अलग मिले थे। लेकिन एक ही समय पर प्रतिद्वंद्वी धड़ों के नेताओं का 'वर्षा' बंगले पर जुटना महज इत्तेफाक नहीं माना जा रहा है।

क्यों मची है एनसीपी में छटपटाहट? अंदरूनी बगावत का खतरा!

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) इस समय अपने सबसे बड़े रणनीतिक संकट से गुजर रही है।

  • विधायकों का एनडीए की तरफ झुकाव: सूत्रों के हवाले से खबर है कि शरद पवार गुट के 10 में से कम से कम 5 विधायक भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) यानी महायुति में शामिल होने के पक्षधर हैं। विधायकों का तर्क है कि विपक्ष में रहने के कारण उन्हें अपने क्षेत्रों के विकास के लिए न तो फंड मिल पा रहा है और न ही प्रशासनिक मंजूरियां।

  • विलय की अटकलें: कांग्रेस में विलय की कोशिशें नाकाम होने के बाद, अब एनसीपी (एसपी) के भीतर एनडीए का दामन थामने या फिर अजित पवार गुट के साथ दोबारा विलय (Reunification) करने की सुगबुगाहट तेज हो गई है।

क्या शरद पवार मिलाएंगे भाजपा से हाथ? सबकी नजरें टिकीं

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि शरद पवार का अगला कदम क्या होगा? शरद पवार फिलहाल इस पूरी हलचल पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी रणनीति का कोई संकेत नहीं दिया है।

लेकिन राजनीति के जानकार मानते हैं कि अगर शरद पवार के विधायकों का झुकाव एनडीए की तरफ है, तो पार्टी को टूटने से बचाने के लिए वे कोई बड़ा और चौंकाने वाला फैसला ले सकते हैं। इस सियासी सरगर्मी के बीच शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले की होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी सबकी नजरें हैं, जहां वे इस रहस्यमयी मुलाकात और पार्टी के भविष्य को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण दे सकती हैं।

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