पश्चिम बंगाल में बड़ा फैसला! 250 मदरसे होंगे बंद, सरकार ने बताई वजह

पश्चिम बंगाल में बड़ा फैसला! 250 मदरसे होंगे बंद, सरकार ने बताई वजह

पश्चिम बंगाल की राज्य कैबिनेट ने शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे में बड़ा सुधार करते हुए एक साथ कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। राज्य सरकार ने दिसंबर 2024 के शैक्षणिक सत्र के बाद लगभग 250 सरकारी मान्यता प्राप्त निजी मदरसों को बंद करने का सैद्धांतिक फैसला लिया है।

इन मदरसों में बुनियादी ढांचे की भारी कमी और छात्रों के बेहद कम नामांकन को मुख्य कारण बताया गया है। छात्रों की पढ़ाई बीच सत्र में प्रभावित न हो, इसलिए इन्हें चालू सत्र यानी दिसंबर तक संचालित करने की रियायत दी गई है।

छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दिसंबर तक की मोहलत

अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा विभाग द्वारा कराए गए व्यापक राज्यव्यापी सर्वेक्षण में पाया गया कि इन 250 संस्थानों में या तो बच्चे न के बराबर हैं या फिर जरूरी शैक्षणिक सुविधाएं नदारद हैं। सरकार ने साफ किया है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र पूरा होने के बाद ही प्रशासनिक तालाबंदी की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को दुर्गा पूजा से पहले अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।

बिना मान्यता वाले 252 मदरसों पर पहले ही हो चुका है एक्शन

यह हालिया फैसला इस महीने की शुरुआत में बंद किए गए 252 अनधिकृत मदरसों की कार्रवाई से अलग है। जून महीने से जिलों में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले 252 संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया गया था, जबकि 100 अन्य संस्थानों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया था। अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा मंत्री क्षुदिराम टुडू के अनुसार, केवल उन्हीं मदरसों को संचालन की हरी झंडी दी जाएगी जो सभी जरूरी सरकारी मानकों और स्वीकृतियों को पूरा करते हैं।

रडार पर हैं 2,500 अपंजीकृत मदरसे, जांच के घेरे में 100 अन्य

राज्य सरकार के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि पश्चिम बंगाल में बिना किसी सरकारी पंजीकरण के चल रहे करीब 2,500 मदरसों पर भी आने वाले समय में चरणबद्ध कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा कैबिनेट ने उन 100 मदरसों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने की मंजूरी दे दी है, जहां अनियमितताएं या बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी पाई गई है।

युवाओं के लिए बहार: 1.51 लाख पदों पर बंपर सरकारी भर्ती को हरी झंडी

मदरसा सुधारों के साथ-साथ राज्य कैबिनेट ने रोजगार के मोर्चे पर बड़ा तोहफा दिया है। विभिन्न विभागों में लगभग 1.51 लाख खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है। इसमें सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस में 12,000 और कोलकाता पुलिस में 4,000 यानी कुल 16,000 पुलिसकर्मियों के पद शामिल हैं। प्रशासनिक स्तर पर सभी विभागों को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और पुरानी अड़चनों को दूर करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

पूर्वी मेदिनीपुर में नया सुधार गृह और छात्रावास अनुदान में भारी वृद्धि

प्रशासनिक सुधारों की कड़ी में पूर्वी मेदिनीपुर जिले के निमतौरी में एक आधुनिक सुधार गृह (करेक्शनल होम) बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य के आयुष विभाग को एक अलग और स्वतंत्र विभाग का दर्जा दे दिया गया है। वहीं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और पुस्तकालय अनुदान योजना से जुड़े आश्रम छात्रावासों के छात्रों को मिलने वाले मासिक अनुदान को 1,800 रुपये से बढ़ाकर सीधे 3,300 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।