ममता बनर्जी का दांव पड़ा उल्टा! कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देकर भी नहीं बचा पाए मजबूत सीट, BJP का प्रचंड जलवा
पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित सीटों में शुमार नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार हासिरानी रथ ने प्रचंड जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 1,22,753 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी है। यह सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और कोलकाता की भवानीपुर दोनों सीटों से जीत हासिल की थी, जिसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखते हुए नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया था।
त्रिकोणीय मुकाबले में किसने किसको दी टक्कर?
इस उपचुनाव में मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। भाजपा ने दिवंगत चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ पर भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट दिया था। चंद्रनाथ रथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व पीए थे, जिनकी 4 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सीधे तौर पर अपना उम्मीदवार न उतारकर कांग्रेस के मिलन प्रधान को अपना समर्थन दिया था, जबकि सीपीआई(एम) की तरफ से शांतिगोपाल गिरि चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे थे। तमाम विपक्षी लामबंदी के बावजूद हासिरानी रथ ने रिकॉर्ड अंतर से जीत अपने नाम की।
क्यों अहम थी नंदीग्राम की सियासी जंग?
नंदीग्राम सीट हमेशा से राज्य की सियासत का केंद्र बिंदु रही है और इसे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का मजबूत गढ़ माना जाता है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने इसी सीट पर ममता बनर्जी को मात दी थी। इस उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी ने अचानक अपना नाम वापस ले लिया था, जिसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान के समर्थन का ऐलान किया। समर्थन के कुछ ही घंटों बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी भी हुई थी, जिसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए 21 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी थी। हाई-वोल्टेज ड्रामे और कानूनी पेचीदगियों के बीच संपन्न हुए इस चुनाव में आखिरकार भाजपा ने अपना दबदबा बरकरार रखा।