दिल्ली के त्रिलोकपुरी में नाबालिग पर चाकुओं से जानलेवा हमला: गणेश पंडाल देखने निकला था छात्र, 3 आरोपी पकड़े गए

दिल्ली के त्रिलोकपुरी में नाबालिग पर चाकुओं से जानलेवा हमला: गणेश पंडाल देखने निकला था छात्र, 3 आरोपी पकड़े गए

पूर्वी दिल्ली का त्रिलोकपुरी इलाका बुधवार रात चाकुओं के हमले से दहल उठा, जहां गणेश पंडाल देखने निकले 17 वर्षीय नाबालिग कृष्णा पर चार नाबालिग लड़कों ने जानलेवा हमला बोल दिया। गंभीर रूप से घायल किशोर को तुरंत लाल बहादुर शास्त्री (LBS) अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे एम्स (AIIMS) ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार घायल की हालत अब स्थिर बनी हुई है और वह खतरे से बाहर है।

रात 9:30 बजे पीसीआर कॉल से मची सनसनी

मयूर विहार पुलिस स्टेशन को 23 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे सूचना मिली कि त्रिलोकपुरी के ब्लॉक 30 में एक किशोर को चाकू मार दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही मयूर विहार के एसएचओ अपनी टीम के साथ सीधे एलबीएस अस्पताल पहुंचे और घायल का हाल जाना। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) की धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली। इलाके में छापेमारी करते हुए पुलिस ने वारदात में शामिल चार में से तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि चौथे फरार साथी की तलाश तेज कर दी गई है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त दो धारदार चाकू भी बरामद कर लिए गए हैं।

डीसीपी ईस्ट का बयान: नहीं है कोई सांप्रदायिक एंगल

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी ईस्ट राजीव कुमार ने स्थिति स्पष्ट की है। डीसीपी ने कहा कि इस घटना में हिंदू-मुस्लिम का कोई सांप्रदायिक कोण नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से स्थानीय लड़कों के बीच गुटीय रंजिश का मामला है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब 15 दिन पहले पीड़ित और उसके साथियों ने कथित तौर पर आरोपी पक्ष के एक नाबालिग की पिटाई कर दी थी। उसी का बदला लेने के लिए आरोपियों ने योजना बनाकर कृष्णा को रास्ते में रोका और उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।

परिजनों का छलका दर्द: घर से 50 रुपये लेकर निकला था बेटा

दूसरी तरफ पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है। कृष्णा के पिता सचिन ने इलाके के असामाजिक तत्वों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी आए दिन मारपीट और लड़कियों से छेड़खानी करते हैं। पीड़ित की मां सुनीता ने बताया कि कृष्णा रात में कुछ खाने और गणेश पंडाल देखने की बात कहकर घर से सिर्फ 50 रुपये लेकर निकला था। उन्होंने आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।

कन्हैया नगर में भी सामने आई थी खूनी झड़प

राजधानी में नाबालिगों और युवाओं के बीच हिंसक वारदातों का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले दिल्ली के कन्हैया नगर इलाके में भी एक शराब के ठेके के बाहर सरेआम चाकूबाजी हुई थी, जिसमें भवानी प्रसाद नाम के युवक की जान चली गई थी और आसाराम गंभीर रूप से घायल हो गया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कानून-व्यवस्था और सड़क पर पनपती गुंडागर्दी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।