मानसून का महाविनाश! असम में बाढ़ से मची भारी तबाही, जम्मू-कश्मीर में हालात बेकाबू, महाराष्ट्र-गुजरात में हाई अलर्ट
देश के बड़े हिस्से में इस समय मानसून आफत बनकर बरस रहा है। पूरब से लेकर उत्तर और पश्चिम भारत तक, नदियां उफान पर हैं और बस्तियां पानी में डूब चुकी हैं। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा चेतावनियों के बीच देश के कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन (Landslides) ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे भयानक स्थिति असम और जम्मू-कश्मीर में बनी हुई है, जहां कुदरत के इस कहर ने बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान किया है।
असम में जलप्रलय: 24 घंटे में भारी तबाही, मौत का आंकड़ा बढ़ा
पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर और भयावह हो चुकी है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के भीतर ही राज्य में बाढ़ से संबंधित हादसों में 21 लोगों की जान चली गई है, जिससे इस सीजन में मरने वालों की कुल संख्या 31 तक पहुंच गई है। राज्य के 16 जिलों में 5.6 लाख से ज्यादा लोग इस जलप्रलय की चपेट में हैं। शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, जहां ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं। सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और वायुसेना की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं।
जम्मू-कश्मीर में कुदरत का कहर: अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा रुकी
उत्तर भारत के जम्मू-कश्मीर में लगातार तीसरे दिन हुई मूसलाधार बारिश और क्लाउडबर्स्ट (बादल फटने) के कारण हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए हैं। पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण भारी नुकसान हुआ है, जहां 23 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा, वैष्णो देवी यात्रा, शिव खोड़ी और मचैल माता यात्रा को अगले आदेश तक अस्थाई रूप से रोक दिया है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई जगहों पर मलबा आने के कारण बंद है। खराब मौसम के चलते कश्मीर संभाग और जम्मू के शीतकालीन क्षेत्रों में स्कूलों की छुट्टियां 26 जुलाई तक बढ़ा दी गई हैं।
गुजरात और महाराष्ट्र में चेतावनी: समंदर किनारे हाई अलर्ट
पश्चिमी भारत में भी मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक बना हुआ है। मौसम विभाग ने गुजरात के तटीय जिलों और सौराष्ट्र क्षेत्र में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, पालघर और कोंकण क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई के निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए नगर निगम (BMC) और आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद कर दिया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने के लिए कहा गया है।