'मदर ऑफ डेमोक्रेसी अपने बच्चों के साथ ऐसा कर रही है...' लाठीचार्ज पर भड़के मल्लिकार्जुन खरगे, कहा- नहीं मनाऊंगा अपना बर्थडे

'मदर ऑफ डेमोक्रेसी अपने बच्चों के साथ ऐसा कर रही है...' लाठीचार्ज पर भड़के मल्लिकार्जुन खरगे, कहा- नहीं मनाऊंगा अपना बर्थडे

देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर विपक्ष का गुस्सा फूट पड़ा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बाद अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखा और भावुक हमला बोला है। खरगे ने सरकार के 'मदर ऑफ डेमोक्रेसी' (लोकतंत्र की जननी) के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि आज लोकतंत्र की जननी अपने ही बच्चों पर लाठियां बरसा रही है। देश के युवाओं के इस दर्द को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने एक बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि वह इस बार अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे।

'मदर ऑफ डेमोक्रेसी' के नारे पर खरगे का करारा तंज

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे बेहद आक्रोशित नजर आए। उन्होंने सरकार की नीतियों और प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ किए जा रहे बर्ताव पर गहरी चिंता व्यक्त की। खरगे ने कहा, "प्रधानमंत्री दुनिया भर में घूमकर भारत को 'मदर ऑफ डेमोक्रेसी' बताते हैं। लेकिन आज उसी लोकतंत्र की जननी में उसके अपने ही बच्चों (छात्रों) को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा जा रहा है। जब देश का भविष्य कहे जाने वाले युवा ही सुरक्षित नहीं हैं और अपने हक के लिए लाठियां खा रहे हैं, तो यह कैसी जम्हूरियत है?"

देश के हालात और युवाओं के दर्द के कारण जन्मदिन न मनाने का फैसला

अक्सर राजनेताओं के जन्मदिन पर बड़े आयोजनों और बधाई संदेशों का तांता लगा रहता है, लेकिन मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बार इससे पूरी तरह दूरी बनाने का फैसला किया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "जब देश का युवा सड़कों पर रो रहा है, पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही के कारण उनका भविष्य अंधकार में डूबा हुआ है, ऐसे समय में मैं किसी भी तरह का जश्न या अपना जन्मदिन नहीं मना सकता। मेरा जन्मदिन तब सफल होगा जब इन युवाओं को न्याय मिलेगा और उनकी जायज मांगें पूरी होंगी।"

खरगे ने प्रधानमंत्री से पूछे तीखे सवाल: क्यों चुप है सरकार?

कांग्रेस अध्यक्ष ने सीधे तौर पर पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी देश में युवाओं, किसानों या महिलाओं पर संकट आता है, प्रधानमंत्री मौन व्रत धारण कर लेते हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार को तुरंत प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करनी चाहिए, परीक्षाओं में हो रही धांधली की उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों पर भी तुरंत एक्शन लिया जाना चाहिए।

कांग्रेस देशव्यापी आंदोलन की तैयारी में, बढ़ेगी सरकार की मुश्किलें

मल्लिकार्जुन खरगे के इस बड़े ऐलान और कड़े रुख के बाद कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर और अधिक आक्रामक हो गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, युवाओं के समर्थन में और पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ कांग्रेस आने वाले दिनों में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रही है। खरगे का अपना जन्मदिन न मनाने का यह व्यक्तिगत और राजनीतिक फैसला जनता के बीच एक बड़ा संदेश दे रहा है, जिससे आने वाले समय में सरकार पर चौतरफा दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।

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