वेटिंग टिकट की नो टेंशन, बिहार-यूपी जाने वालों के लिए रेलवे ने खोल दिया ट्रेनों का खजाना

वेटिंग टिकट की नो टेंशन, बिहार-यूपी जाने वालों के लिए रेलवे ने खोल दिया ट्रेनों का खजाना

दिवाली, छठ पूजा और दुर्गा पूजा के मौके पर घर जाने वाले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने व्यापक स्तर पर यात्रा योजना तैयार की है। त्योहारी सीजन में ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट से राहत दिलाने के लिए रेलवे 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 के बीच कुल 3.4 लाख नियमित ट्रेन फेरे संचालित कर रहा है। इसके साथ ही यात्रियों की अतिरिक्त मांग को पूरा करने के मकसद से 13 अक्टूबर तक 8,454 स्पेशल ट्रेन फेरे भी अधिसूचित किए जा चुके हैं।

रेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल त्योहारों पर करीब 3.3 लाख नियमित फेरे चलाए गए थे, जबकि इस बार क्षमता बढ़ाकर 16 हजार से ज्यादा अतिरिक्त नियमित फेरे जोड़े गए हैं। इनमें कई रूट्स पर नई ट्रेनों की शुरुआत और पूर्व में चली स्पेशल ट्रेनों को नियमित समय-सारिणी में शामिल करना शामिल है। उत्तर भारत और पूर्वी भारत की तरफ जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश के लिए 37 हजार से अधिक, बिहार के लिए 31 हजार से अधिक और पश्चिम बंगाल के लिए 27 हजार से ज्यादा नियमित फेरे तय किए गए हैं।

सबसे ज्यादा राहत यूपी और बिहार वालों को

विशेष फेरों के आवंटन में सबसे बड़ी राहत बिहार और उत्तर प्रदेश के यात्रियों को मिली है। 13 अक्टूबर तक घोषित 8,454 स्पेशल फेरों में से सबसे ज्यादा 2,057 फेरे बिहार के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के लिए 1,056 फेरे, दिल्ली के लिए 975 फेरे, महाराष्ट्र के लिए 836 फेरे और पश्चिम बंगाल के लिए 464 विशेष फेरे निर्धारित हुए हैं।

दुर्गा पूजा को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए 13 से 20 अक्टूबर के बीच 49 विशेष ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। इनमें उत्तर रेलवे से 27, दक्षिण रेलवे से 14 और पश्चिम रेलवे से 8 ट्रेनें शामिल हैं, जो हावड़ा, सियालदह, कोलकाता, शालीमार, मालदा टाउन और न्यू जलपाईगुड़ी जैसे प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेंगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों के दबाव और टिकटों की मांग की लगातार समीक्षा की जा रही है, जरूरत पड़ने पर आने वाले दिनों में और भी स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए जाएंगे।