'प्रायोजित पीआर से कोई विश्वगुरु नहीं बनता...' पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते ही पीएम मोदी पर भड़के मल्लिकार्जुन खरगे, दागे तीखे सवाल
देश की जनता पर एक बार फिर महंगाई का दोहरा चाबुक चला है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई ताजा बढ़ोतरी को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ईंधन की कीमतों में हुए इस नए इजाफे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। खरगे ने सरकार की आर्थिक नीतियों और नेतृत्व क्षमता पर गंभीर सवाल उठाते हुए साफ शब्दों में कहा कि देश की जनता को बचत का ज्ञान देने वाली यह सरकार अपनी नाकामियों का पूरा बोझ आम नागरिकों के कंधों पर डाल रही है। खरगे ने आरोप लगाया कि एक तरफ देश के भीतर आम जनता से खुली लूट चल रही है और दूसरी तरफ सरकार अपने चुनिंदा उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने में व्यस्त है।
एक हफ्ते में दूसरी बार लगी तेल में आग, दिल्ली में 98 रुपये के पार हुआ पेट्रोल
आम उपभोक्ताओं के लिए झटका देने वाली बात यह है कि तेल कंपनियों ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है। पिछले एक सप्ताह से भी कम समय के भीतर यह दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। इस नए इजाफे के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर से छलांग लगाकर अब 98.64 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। वहीं, अगर डीजल की बात करें तो इसकी कीमत भी 90.67 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर के स्तर को छू चुकी है। इस अचानक हुई बढ़ोतरी से मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
खरगे का 'एक्स' पर फूटा गुस्सा, मोदी सरकार के 'अडानी मॉडल' पर उठाए सवाल
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा, "अभी दाम बढ़े चार ही दिन हुए थे कि मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें फिर से बढ़ा दीं। पूरी भूमिका बनाकर और जनता को बचत का उपदेश देकर अपनी नाकामियों का बोझ उनके कंधों पर डालने का कार्य इस समय प्रगति पर है।" कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर क्रोनी कैपिटलिज्म का सीधा आरोप लगाते हुए आगे कहा कि आम जनता की जेब लूटना और अडानी को अमेरिका से छूट दिलवाना ही असल में प्रधानमंत्री मोदी का 'कंप्रोमाइज्ड मॉडल' है।
रूसी तेल और अमेरिका से मोहलत पर तंज, भारतीयों के स्वाभिमान का उठाया मुद्दा
अपने बयान में खरगे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विदेश नीति और तेल आयात को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि खुद को विश्वगुरु बताने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के सामने हाथ-पैर जोड़कर रूसी तेल खरीदने की अनुमति के लिए महज एक महीने की मोहलत ली है। खरगे ने आरोप लगाया कि हर बार वैश्विक स्तर पर ऐसा कमजोर रुख अपनाकर वह 140 करोड़ भारतीय नागरिकों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाते हैं, जबकि देश के इतिहास में किसी भी पिछली सरकार ने इस तरह का समझौता नहीं किया था। उन्होंने पूछा कि जब सरकार के दावों के मुताबिक हमें रूसी तेल खरीदने की अनुमति मिल चुकी है, तो फिर इसका फायदा देश की आम जनता को क्यों नहीं मिल रहा और जनता पर पेट्रोल-डीज़ल के दामों का यह अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जा रहा है?
'आम कैसे खाते हैं' वाले सवालों पर साधा निशाना, कहा- सिर्फ प्रचारक मत बनिए
कांग्रेस अध्यक्ष ने सीधे तौर पर सरकार की मंशा और नेतृत्व क्षमता पर सवाल दागते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी में दूरदर्शिता और सही नेतृत्व की भारी कमी है। जब देश में आर्थिक संकट आया, तब प्रधानमंत्री चुनावों में व्यस्त थे और अब चिकनी-चुपड़ी बातें करके जनता को लूटने का प्लान तैयार किया जा रहा है। खरगे ने प्रधानमंत्री के पुराने इंटरव्यूज पर तंज कसते हुए कहा, "केवल विदेशों में प्रायोजित पीआर (PR) करने से कोई 'विश्वगुरु' नहीं बन जाता। मोदी जी, जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करनी पड़ती है। असली सवालों से मत भागिए, जनता को आपके ‘आम कैसे खाते हैं’ और ‘टॉनिक कौन सा पीते हैं’, जैसे सवालों से कोई मतलब नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि अगर प्रधानमंत्री यह जवाब देंगे कि इस संकट के लिए वह खुद क्या कर रहे हैं, तभी जनता के असली ‘प्रधान सेवक’ कहलाएंगे, वरना वह महज एक प्रचारक बनकर ही रह जाएंगे।