कभी हर दिन लेना पड़ता था इंसुलिन, आज बिना एक भी गोली के हैं बिल्कुल फिट; खुला अमित शाह की फिटनेस का सीक्रेट
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 61 वर्ष की आयु पार करने के बावजूद अपनी ऊर्जावान कार्यशैली और चुस्ती-फुर्ती के लिए जाने जाते हैं। एक समय ऐसा था जब उनका वजन काफी बढ़ गया था और अनियंत्रित डायबिटीज के कारण उन्हें नियमित रूप से एलोपैथिक दवाइयां और इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते थे।
सियासत शासन की भारी जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपनी जीवनशैली में क्रांतिकारी बदलाव किया और न केवल अतिरिक्त वजन कम किया, बल्कि डायबिटीज को पूरी तरह नियंत्रित कर दवाओं से भी आजादी हासिल कर ली। एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान युवाओं को प्रेरित करते हुए गृहमंत्री ने साझा किया था कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता दिए बिना जीवन की गुणवत्ता बेहतर नहीं हो सकती और दीर्घायु होने के लिए अपनी दिनचर्या में अनुशासन लाना अनिवार्य है।
ये है शाह की फिटनेस का राज
अमित शाह की इस फिटनेस क्रांति की शुरुआत साल 2020 में हुई, जब उन्होंने अपनी बिगड़ी हुई दिनचर्या को पूरी तरह अनुशासित करने का दृढ़ संकल्प लिया। उन्होंने सही समय पर भोजन, नियमित नींद, पर्याप्त जलपान और बिना नागा योग को अपनी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बनाया।
ब्लड शुगर को काबू में करने के लिए उन्होंने रोजाना 2 घंटे योग और प्राणायाम करना शुरू किया, जिसके साथ उन्होंने कुछ बुनियादी जिम एक्सरसाइज को भी शामिल किया। इसके साथ ही वे मस्तिष्क और शरीर की रिकवरी के लिए रोजाना 6 से 7 घंटे की गहरी नींद जरूर लेते हैं, जिससे तनाव का स्तर कम रहता है और शरीर की कार्यप्रणाली सुचारू बनी रहती है।
आहार के मोर्चे पर गृहमंत्री ने बेहद कड़े नियम लागू किए, जिसमें जंक फूड और प्रोसेस्ड डाइट से पूरी तरह दूरी बनाना शामिल रहा। वे अपने भोजन में फाइबर और प्रोटीन से भरपूर पौष्टिक तत्वों को प्राथमिकता देते हैं और रात का खाना हर हाल में 9 बजे से पहले समाप्त कर लेते हैं, ताकि सोने से पहले पाचन क्रिया ठीक से पूरी हो सके। इसके अलावा शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त और हाइड्रेटेड रखने के लिए वे दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी का सेवन करते हैं। सटीक समय पर पौष्टिक खानपान और निरंतर योग के इसी अचूक फॉर्मूले ने उन्हें दवाओं और इंसुलिन पर निर्भरता से पूरी तरह मुक्त कर देश के युवाओं के लिए एक अनुकरणीय मिसाल बना दिया है।