पीएम मोदी को मिले 1500 से अधिक ऐतिहासिक उपहार ई-ऑक्शन के लिए उपलब्ध

पीएम मोदी को मिले 1500 से अधिक ऐतिहासिक उपहार ई-ऑक्शन के लिए उपलब्ध

भारतीय राजनीति, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी एक बेहद अनूठी और रोमांचक खबर सामने आई है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश-विदेश और विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय दौरों या आयोजनों के दौरान मिले विशिष्ट उपहारों और यादगार चिन्हों का आठवां ई-ऑक्शन (PM Mementoes e-Auction) आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस नीलामी प्रक्रिया में कुल 1,498 बेहद खूबसूरत और ऐतिहासिक उपहारों को सार्वजनिक बोली के लिए रखा गया है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह कड़ाई से पालन करते हुए, आइए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले इन ऐतिहासिक उपहारों की नीलामी और इसकी पूरी अंदरूनी खासियतों की गहराई से समीक्षा करते हैं।

पीएम मोमेंटोज ई-ऑक्शन का आठवां संस्करण: क्या है इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य और रूपरेखा

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस लोकप्रिय ई-ऑक्शन का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को प्रधानमंत्री को मिलने वाले उपहारों को सीधे हासिल करने का अवसर देना और इसके साथ ही देश की सांस्कृतिक एवं कलात्मक विरासत को बढ़ावा देना है। संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा नई दिल्ली स्थित नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट (NGMA) में इस आठवें संस्करण का भव्य शुभारंभ किया गया। इस साल की नीलामी में कुल 1,498 वस्तुओं को शामिल किया गया है, जो देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक शिल्प कला, आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता का बेहतरीन प्रतिनिधित्व करती हैं। प्रधानमंत्री को मिलने वाले इन उपहारों को जनता के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराने से पहले एनजीएमए में एक विशेष प्रदर्शनी के माध्यम से भी प्रदर्शित किया जा रहा है, ताकि कला प्रेमी और आम नागरिक बोली लगाने से पहले इन ऐतिहासिक चीजों को नजदीक से देख सकें।

नीलामी के मुख्य आकर्षण: भगवान राम की चांदी की मूर्ति और 50 'हीरो ऑब्जेक्ट्स' की विशेषता

इस बार के ई-ऑक्शन संग्रह में कुल 50 ऐसी वस्तुओं को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है जिन्हें 'हीरो ऑब्जेक्ट्स' (Hero Objects) का नाम दिया गया है। इन चुनिंदा और सबसे खास उपहारों में कर्नाटक से प्राप्त भगवान राम की एक बेहद मनमोहक चांदी की प्रतिमा सबसे ऊपर है, जिसका बेस प्राइस 13.50 लाख रुपये रखा गया है जो इस नीलामी की सबसे महंगी वस्तु है। इसके अलावा, काकतीय कला तोरणम की शानदार चांदी की प्रतिकृति (Base Price 9 लाख रुपये), 'ट्री ऑफ लाइफ' थीम पर आधारित खूबसूरत गोंड आर्ट पेंटिंग (Base Price 7.50 लाख रुपये), रथ पर सवार भगवान जगन्नाथ परिवार की मूर्ति (Base Price 6 लाख रुपये) और 99.99% शुद्ध सोने की परत से तैयार राधा-कृष्ण की फ्रेम की गई कलाकृति (Base Price 5.40 लाख रुपये) जैसे अनूठे तोहफे खरीदारों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

देश के कोने-कोने की कला और हस्तशिल्प का संगम: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल से लेकर असम तक का प्रतिनिधित्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिलने वाले इन उपहारों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये देश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों, संस्कृतियों और राज्यों की मिट्टी की खुशबू समेटे हुए हैं। इस साल की नीलामी में पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, बिहार और ओडिशा जैसे प्रमुख राज्यों से आए पारंपरिक कला उत्पादों, वस्त्रों, मूर्तियों और काष्ठ कलाकृतियों को बहुत बड़े पैमाने पर शामिल किया गया है। इसके साथ ही भारतीय नौसेना के आधुनिक युद्धपोतों जैसे 'आईएनएस सूरत' और 'आईएनएस नीलगिरी' के शानदार मॉडल्स के अलावा कुछ चुनिंदा खेलकूद से जुड़ी यादगार वस्तुएं (Sports Memorabilia) भी इस नीलामी का हिस्सा बनी हैं, जो देश के रक्षा क्षेत्र और खेल जगत की प्रगति को दर्शाती हैं।

नीलामी से मिलने वाली पूरी धनराशि का सामाजिक और पर्यावरणीय हित में उपयोग

यह पहल केवल उपहारों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकार जुड़ा हुआ है। इस ई-ऑक्शन से मिलने वाली शत-प्रतिशत धनराशि सीधे केंद्र सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी और पवित्र योजना यानी 'नमामि गंगे कार्यक्रम' (Namami Gange Programme) में ट्रांसफर की जाती है। इस धन का उपयोग देश की राष्ट्रीय नदी गंगा के संरक्षण, कायाकल्प और उसकी निर्मलता को बनाए रखने के लिए किए जा रहे कार्यों में किया जाता है। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2019 में जब से यह सिलसिला शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक पिछले सात संस्करणों में 7,400 से अधिक वस्तुएं नीलाम हो चुकी हैं, जिनसे कुल 52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई जा चुकी है। इस नीलामी के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी व्यक्तिगत बिक्री टोक्यो ओलंपिक 2020 के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा का वह प्रसिद्ध जैवलिन (भाला) रहा है, जिसे वर्ष 2021 में 1.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बोली लगाकर खरीदा गया था।

निष्कर्ष: कैसे आम नागरिक आधिकारिक पोर्टल के जरिए इस ऐतिहासिक नीलामी में ले सकते हैं हिस्सा

यदि आप भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले इन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कलात्मक उपहारों में से किसी खास वस्तु को अपने घर की शोभा बढ़ाना चाहते हैं और देश के पर्यावरण संरक्षण व गंगा सफाई अभियान में अपना योगदान देना चाहते हैं, तो आप इसके आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल www.pmmementos.gov.in पर जाकर आसानी से पंजीकरण कर सकते हैं और अपनी बोली लगा सकते हैं। यह पारदर्शी और डिजिटल प्रक्रिया देश के हर आम नागरिक, कला संग्रهकों (Collectors) और कॉर्पोरेट संस्थानों को राष्ट्र निर्माण के इस अनूठे यज्ञ में सीधे जुड़ने का सुनहरा मौका प्रदान करती है।