बंगाल में सियासी भूचाल! क्या अभिषेक बनर्जी और सायोनी घोष के नाम पर है सीक्रेट फ्लैट? TMC सांसद ने दिया करारा जवाब
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों नेताओं की संपत्तियों को लेकर घमासान मचा हुआ है। कोलकाता नगर निगम (KMC) द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता अभिषेक बनर्जी को नोटिस भेजे जाने के बाद अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि कोलकाता के एक पॉश इलाके में अभिषेक बनर्जी और टीएमसी सांसद सायोनी घोष के नाम पर एक साझा (ज्वाइंट) प्रॉपर्टी है। इस खबर के सामने आते ही बंगाल के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। हालांकि, सांसद सायोनी घोष ने इन दावों पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए इसका पुरजोर खंडन किया है।
फॉरवर्ड मैसेज से हुआ खुलासा, सायोनी घोष ने दी बड़ी चेतावनी
जाधवपुर से लोकसभा सांसद सायोनी घोष ने इन दावों को पूरी तरह से मनगढ़ंत और बकवास करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि मैंने अभी-अभी कुछ फॉरवर्ड मैसेज देखे हैं, जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि अभिषेक बनर्जी और 'सायानी घोष' की कोलकाता के 19 डी, सेवन टैंक्स रोड (पिन- 700030) पर एक साझा प्रॉपर्टी है। इस कथित लिस्ट में संपर्क के लिए कोई मोबाइल नंबर भी नहीं लिखा है।
सायोनी घोष ने साफ लहजे में कहा कि मैं यह तो नहीं कह सकती कि इस लिस्ट में जिस सायानी घोष का जिक्र है वह कौन है, लेकिन यह निश्चित रूप से वह सायोनी घोष नहीं है जिसने एक बहुत ही साधारण परिवार से अपने जीवन की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने के बाद से आज तक उन्होंने कोई अचानक बड़ा मुनाफा नहीं कमाया है। जनता ने उन्हें सिर्फ अपना आशीर्वाद दिया है और वह इसके लिए हमेशा उनकी आभारी रहेंगी।
चुनावी हलफनामे का दिया हवाला, विरोधियों को ललकारा
अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर सफाई देते हुए टीएमसी सांसद ने अपने चुनावी हलफनामे का हवाला दिया। उन्होंने अपने मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मेरी सभी संपत्तियों की पूरी और सही जानकारी मेरे चुनावी हलफनामे (Affidavit) में दर्ज है। कोई भी व्यक्ति सरकारी रिकॉर्ड में जाकर इसकी जांच कर सकता है।
इसके साथ ही उन्होंने झूठी अफवाहें फैलाने वालों को सख्त चेतावनी भी दे डाली। सायोनी ने लिखा कि यह अच्छी तरह जान लें कि मैं इन झूठे आरोपों के सामने एक इंच भी पीछे नहीं हटूंगी और न ही इस बात को ऐसे ही जाने दूंगी। भ्रामक और झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ जल्द ही कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि इस 'घोष' को कोई डरा-धमका नहीं सकता। दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस ने भी इस वायरल लिस्ट को पूरी तरह से फर्जी और राजनीति से प्रेरित बताया है।
केएमसी के राडार पर अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियां
इस पूरे विवाद के बीच, कोलकाता नगर निगम (KMC) की कार्रवाई ने मामले को और हवा दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केएमसी ने अभिषेक बनर्जी की करीब 17 संपत्तियों के कथित अवैध हिस्सों को लेकर नोटिस जारी किया है। नगर निगम ने इन नोटिसों के जरिए इमारतों के स्केच, लिफ्ट और एस्केलेटर्स से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है।
केएमसी अधिकारियों के अनुसार, टीएमसी नेता के पास इस नोटिस को कानूनी रूप से चुनौती देने का पूरा विकल्प मौजूद है। उन्हें तय समय सीमा के भीतर नगर निगम को यह जवाब देना होगा कि उनकी संपत्तियों के इन कथित अवैध हिस्सों को क्यों नहीं ढहाया जाना चाहिए।
कालीघाट और गरियाहाट जैसे इलाकों में हैं ये इमारतें
बताया जा रहा है कि केएमसी के निशाने पर आई ज्यादातर संपत्तियां आवासीय (रहने के मकान) हैं। ये इमारतें कोलकाता के बेहद हाई-प्रोफाइल इलाकों जैसे कालीघाट, गरियाहाट के पास और पंडिटिया समेत कुछ अन्य जगहों पर स्थित हैं। जांच के दायरे में आई इन इमारतों में से कुछ के मालिक खुद अभिषेक बनर्जी हैं, जबकि कुछ अन्य संपत्तियां उनके बेहद करीबियों और उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं। वहीं कुछ बड़े अपार्टमेंट्स के फ्लैट्स का कनेक्शन भी अभिषेक बनर्जी या उनके सहयोगियों से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है।