स्कूल बंद, अफसरों की छुट्टी कैंसिल... बंगाल की खाड़ी से आ रही 140KMpH वाली तबाही, तूफान से निपटने की कैसी तैयारी

स्कूल बंद, अफसरों की छुट्टी कैंसिल... बंगाल की खाड़ी से आ रही 140KMpH वाली तबाही, तूफान से निपटने की कैसी तैयारी

बंगाल की खाड़ी में उठे एक भयंकर और खौफनाक चक्रवाती तूफान ने पूर्वोत्तर और तटीय भारत के राज्यों में भारी हलचल पैदा कर दी है। समुद्र के ऊपर तेजी से मजबूत हो रहा यह चक्रवात लगभग 140 किलोमीटर प्रति घंटे की जानलेवा रफ्तार से तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी रेड अलर्ट के बाद राज्य सरकारों और आपदा प्रबंधन विभागों में हड़कंप मच गया है। संभावित तबाही और जन-धन की हानि को रोकने के लिए प्रशासन ने आपातकालीन कदम उठाते हुए तटीय जिलों के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया है, जबकि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। आइए जानते हैं कि इस चक्रवाती आफत से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर कैसी तैयारियां की गई हैं।

बंगाल की खाड़ी में मंडराया चक्रवात का खतरा, 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तटीय इलाकों की ओर बढ़ा

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के मध्य में बना कम दबाव का क्षेत्र अब एक गहरे अवदाब में तब्दील होकर एक विकराल चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है। समुद्र में हवा की रफ्तार लगातार बढ़ रही है और इसके तट से टकराते समय हवा की गति 120 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। तटीय ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में मुसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। समुद्र में गगनचुंबी ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिसे देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है और जो पहले से समंदर में थे, उन्हें तुरंत किनारे पर लौटने को कहा गया है।

राज्य सरकारों का इमरजेंसी एक्शन: स्कूल-कॉलेज बंद और सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

तूफान के खतरे को देखते हुए उड़ीसा और पश्चिम बंगाल सरकार ने हाई-लेवल समीक्षा बैठक की है। संभावित चक्रवात के रास्ते में आने वाले सभी संवेदनशील और तटीय जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और राहत-बचाव दल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सभी अधिकारियों को अपने-अपने मुख्यालयों में मौजूद रहने और चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

एनडीआरएफ की टीमें तैनात, तटीय बस्तियों को खाली कराने की कवायद तेज

कुदरती आफत के इस खौफ से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की दर्जनों टीमों को तटीय जिलों में अग्रिम रूप से तैनात कर दिया गया है। निचले और कच्चे मकानों में रहने वाले लाखों लोगों को सुरक्षित चक्रवात आश्रय स्थलों (Cyclone Shelters) में शिफ्ट करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। इन राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए सूखा राशन, पीने का पानी, बच्चों के लिए दूध, टॉर्च और आपातकालीन दवाइयों की पुख्ता व्यवस्था की गई है। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल (Coast Guard) के जहाजों व हेलिकॉप्टरों को भी स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सके।

रेलवे और फ्लाइट्स पर असर, अस्पतालों और कंट्रोल रूम में हाई अलर्ट

तूफानी हवाओं और संभावित भारी बारिश के चलते तटीय मार्गों पर चलने वाली कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है या उनके मार्ग में बदलाव किया गया है। वहीं, स्थानीय हवाई अड्डों पर भी उड़ानों के संचालन की समीक्षा की जा रही है। जिला स्तर पर 24x7 काम करने वाले इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए गए हैं। अस्पतालों में ट्रॉमा केयर और इमरजेंसी वार्डों को अलर्ट पर रखा गया है तथा बैकअप के लिए जनरेटर और एम्बुलेंस की विशेष व्यवस्था की गई है। सरकार और मौसम विभाग ने आम नागरिकों से पैनिक न होने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।