1 अक्टूबर से बदल जाएंगे आम आदमी से जुड़े 7 बड़े नियम: LPG सब्सिडी, FD ब्याज से लेकर पेंशन तक, जेब पर सीधा असर
नया महीना शुरू होते ही देश भर के आम नागरिकों, पेंशनर्स, व्यापारियों और निवेशकों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है।
एक अक्टूबर 2026 से रसोई गैस (LPG) सब्सिडी, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), वरिष्ठ पेंशनर्स के जीवन प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, एनआरआई से अचल संपत्ति की खरीद और डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड से संबंधित नए कानूनी व वित्तीय प्रावधान प्रभावी हो रहे हैं। इनमें से कई बदलाव सीधे आपकी जेब और बैंक खातों को प्रभावित करेंगे।
1. रसोई गैस सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य
सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG Refill) का लाभ लेते रहने के लिए 1 अक्टूबर से बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा कराना अनिवार्य होगा। यदि किसी उपभोक्ता ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो वे सिलेंडर डिलीवरी के समय हॉकर की बायोमेट्रिक मशीन, नजदीकी गैस डिस्ट्रीब्यूटर एजेंसी पर जाकर या संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी (IOCL, HPCL, BPCL) के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए अपनी ई-केवाईसी (Biometric Verification) तत्काल पूरी कर सकते हैं। ऐसा न करने पर खाते में आने वाली सब्सिडी रोकी जा सकती है।
2. बैंक बल्क एफडी की ब्याज दरों पर आरबीआई के कड़े नियम
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के नए दिशा-निर्देशों के तहत बड़े फिक्स्ड डिपॉजिट यानी 'बल्क एफडी' (Bulk FD) की ब्याज दरों में पारदर्शिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। 1 अक्टूबर से सभी वाणिज्यिक बैंकों को तय शर्तों के तहत बड़े डिपॉजिट पर दी जाने वाली वास्तविक ब्याज दरों की पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करनी होगी। इससे कॉरपोरेट और बड़े निवेशकों को ब्याज दरों के स्पष्ट नियम और बेहतर विकल्प मिल सकेंगे।
3. सुपर सीनियर पेंशनर्स के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की शुरुआत
80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स के लिए वार्षिक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण पत्र) जमा करने की विशेष खिड़की 1 अक्टूबर से खुलने जा रही है। समय से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने से बुजुर्गों की पेंशन बिना किसी रुकावट के सीधे खाते में आती रहेगी। पेंशनभोगी घर बैठे 'जीवन प्रमाण' ऐप, चेहरा पहचान तकनीक (Face Authentication) या नजदीकी डाकघर/सीएससी केंद्र के माध्यम से यह प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
4. जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के नियमों में सख्ती
जन्म या मृत्यु की घटना का पंजीकरण निर्धारित समय सीमा के काफी बाद कराने वाले मामलों में नियमों को और अधिक औपचारिक व सख्त बनाया जा रहा है। देरी की अवधि बढ़ने के साथ अब आवेदकों को अतिरिक्त प्रशासनिक सत्यापन, मजिस्ट्रेट की मंजूरी और शपथ पत्र जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। सरकार का उद्देश्य फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है, लिहाजा नागरिकों को जन्म या मृत्यु की घटना के तुरंत बाद पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है।
5. एनआरआई से प्रॉपर्टी की खरीद पर अब 'टैन' की जरूरत नहीं
अनिवासी भारतीयों (NRI) से भारत में रियल एस्टेट यानी जमीन या मकान खरीदने वाले घरेलू खरीदारों को आयकर विभाग ने बड़ी राहत दी है। नए प्रावधान के अनुसार, पात्र व्यक्तिगत खरीदारों या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) को केवल टीडीएस (TDS) कटौती के लिए अलग से टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर (TAN) लेने की बाध्यता नहीं होगी। हालांकि, नियमानुसार टीडीएस काटकर सरकारी खजाने में जमा कराने का मुख्य दायित्व पूर्ववत बना रहेगा।
6. एक्सपोर्टर्स के लिए नया एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन फॉर्म लागू
विदेश व्यापार और निर्यात कारोबार से जुड़े कारोबारियों के लिए सीमा शुल्क व व्यापारिक प्रक्रिया को बेहद सुगम बनाया जा रहा है। अक्टूबर से नया 'एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन फॉर्म' (EDF) पूरी तरह अमल में आ जाएगा। इस सुधार के बाद निर्यातकों को कागजी झंझटों से मुक्ति मिलेगी, लेकिन कारोबारियों को नए पोर्टल दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने दस्तावेज और प्रक्रियाएं तत्काल अपडेट करनी होंगी।
7. डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड को मिला पूर्ण कानूनी दर्जा
1 अक्टूबर 2026 से बहुप्रतीक्षित बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 2026 (Bankers’ Books Evidence Act, 2026) लागू हो रहा है, जो 1891 के अंग्रेजों के जमाने के पुराने कानून की जगह लेगा। इस नए कानून के तहत अब बैंकों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, वर्चुअल और क्लाउड स्टोरेज में रखे गए बैंकिंग रिकॉर्ड को भी भारतीय अदालतों व विधिक प्रक्रियाओं में पुख्ता कानूनी साक्ष्य (मान्य प्रमाण) के रूप में पूर्ण मान्यता मिल जाएगी।