एशियाई खेलों में भारतीय महिलाओं का स्वर्णिम परचम: 4x400 मीटर रिले में बहरीन और चीन को पछाड़कर जीता गोल्ड
एशियाई खेलों के ट्रैक एंड फील्ड मुकाबलों में भारतीय एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन से तिरंगा लहरा दिया है। महिलाओं की 4x400 मीटर रिले स्पर्धा में भारतीय चौकड़ी ने अपनी गति और रणनीति के दम पर कड़े मुकाबले में स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर लिया।
भारतीय महिला टीम ने 3:29.69 सेकंड का समय निकालकर बहरीन और चीन की मजबूत टीमों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, पुरुषों की 4x400 मीटर रिले में भारत ने जोरदार संघर्ष करते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) पर कब्जा जमाया।
महिलाओं की 4x400m रिले: पूवम्मा की रफ्तार और विथ्या का ऐतिहासिक फिनिश
फाइनल रेस बेहद रोमांचक रही। भारत की शुरुआत किरण माचेटीरा ने की और अच्छी गति के बावजूद उन्होंने तीसरे स्थान पर रहते हुए बैटन अगले धावक को सौंपी। इसके बाद दूसरे चरण में अनुभवी धाविका एमआर पूवम्मा ने अपनी बेहतरीन फॉर्म दिखाते हुए जबरदस्त दौड़ लगाई और भारत को मजबूत बढ़त दिला दी। तीसरे लेग में प्राची रामराज ने इस बढ़त को बखूबी बनाए रखा और अंतिम लैप के लिए बैटन विथ्या रामराज को थमाई।
एंकर लेग में विथ्या ने अद्भुत संयम और गति का परिचय दिया। उन्होंने बहरीन की विश्वस्तरीय धाविका सलवा ईद नासर के आक्रामक प्रयास को नाकाम करते हुए 0.52 सेकंड के फासले से भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिला दिया। बहरीन ने 3:30.21 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता, जबकि मेजबान चीन 3:31.02 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहा।
विथ्या रामराज का डबल धमाका: पीटी उषा का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद रिले में गोल्ड
विथ्या रामराज के लिए यह एशियन गेम्स यादगार साबित हुआ है। रिले रेस में स्वर्ण पदक जीतने से ठीक एक दिन पहले ही उन्होंने 400 मीटर बाधा दौड़ (Hurdles) में भारत की उड़नपरी पीटी उषा के दशकों पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी कर इतिहास रचा था। अब 4x400 मीटर रिले टीम को अपनी शानदार फिनिशिंग से गोल्ड दिलाकर उन्होंने अपने एशियाई खेल अभियान को और भी यादगार बना दिया है।
पुरुषों की 4x400m रिले: मनु और विशाल के दम पर भारत ने जीता कांस्य
पुरुषों की 4x400 मीटर रिले स्पर्धा में धर्मवीर चौधरी, मनु टी, जय कुमार और विशाल टीके की भारतीय टीम ने कड़ा मुकाबला करते हुए 3:01.61 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। दौड़ के दूसरे चरण में मनु टी और चौथे चरण में विशाल टीके ने शानदार प्रयास कर भारत को शीर्ष तीन में बनाए रखा। हालांकि, मौजूदा चैंपियन होने के बावजूद भारतीय चौकड़ी स्वर्ण पदक के अपने खिताब का बचाव नहीं कर सकी और जापान तथा कतर से आगे निकलने से चूक गई।
जापान ने जीता गोल्ड, कतर को मिला सिल्वर
पुरुष वर्ग के बेहद नजदीकी मुकाबले में जापान ने 3:00.75 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि कतर की टीम 3:00.93 सेकंड के समय के साथ मात्र 0.18 सेकंड से पीछे रहकर रजत पदक जीतने में कामयाब रही। भारतीय पुरुष टीम के कांस्य और इससे पहले मिक्स्ड रिले टीम के कांस्य पदक के साथ भारत ने ट्रैक स्पर्धाओं में अपने पदकों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा किया है।