तमिलनाडु में बड़े सियासी खेल की आहट, TVK-PMK के बीच क्या पक रही है खिचड़ी
तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों एक बड़े सियासी उलटफेर की जमीन तैयार होती दिख रही है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) और पट्टाली मक्कल कच्ची (PMK) के बीच पर्दे के पीछे चल रही बातचीत अब बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
6 अक्टूबर को होने जा रहे मदुरंतकम और धरापुरम उपचुनावों से ठीक पहले PMK का किसी भी गठबंधन को समर्थन न देने का ऐलान इसी नए समीकरण का सीधा संकेत माना जा रहा है। 2026 के विधानसभा चुनाव में AIADMK-BJP गठबंधन का हिस्सा रही PMK के इस तटस्थ रुख ने सबको चौंका दिया है, क्योंकि मदुरंतकम जैसी वन्नियार बहुल सीट पर इसका सीधा चुनावी फायदा मुख्यमंत्री विजय की पार्टी को मिलता दिख रहा है।
उपचुनाव में तटस्थ रुख और विजय के सलाहकार से पर्दे के पीछे की बातचीत
पार्टी के शीर्ष गलियारों से आ रही खबरों के अनुसार, यह राजनीतिक नजदीकी अचानक नहीं हुई है बल्कि दोनों दलों के बीच एक बड़ी रणनीति के तहत बातचीत चल रही है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरी सियासी बिसात के केंद्र में PMK नेता अनबुमणि रामदास और सीएम विजय थलपति के रणनीतिकार जॉन अरोकीआसामी हैं। इन दोनों नेताओं का पुराना रणनीतिक तालमेल रहा है।
साल 2016 के विधानसभा चुनाव में जब अनबुमणि को 'मात्रम, मुन्नेत्रम, अनबुमणि' के नारे के साथ सीएम उम्मीदवार बनाया गया था, तब भी अरोकीआसामी ही उनके अभियान की रूपरेखा तैयार कर रहे थे। अब वही पुराना संपर्क दोनों दलों के बीच सत्ता में साझेदारी की बातचीत को आगे बढ़ा रहा है।
कैबिनेट में 2 पदों का ऑफर, सौम्या अनबुमणि और गणेश कुमार के नाम की चर्चा
TVK के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि विजय सरकार की कैबिनेट में PMK को दो मंत्री पद देने का ठोस प्रस्ताव टेबल पर रखा गया है। इस फॉर्मूले के तहत पहला कैबिनेट पद अनबुमणि रामदास की पत्नी और विधानसभा में PMK की फ्लोर लीडर सौम्या अनबुमणि को मिलने की पूरी संभावना है। सौम्या अनबुमणि धर्मपुरी विधानसभा सीट से 93,713 वोट पाकर 20,896 वोटों के भारी अंतर से TVK उम्मीदवार को ही हराकर विधायक बनी हैं, जिससे उनका अपना मजबूत जनाधार है।
वहीं दूसरा कैबिनेट पद PMK विधायक ए. गणेश कुमार की झोली में जा सकता है। हालांकि इस सत्ता साझेदारी पर दोनों दलों की ओर से कोई आधिकारिक मुहर लगना अभी बाकी है।
सरकार में स्थिरता की तलाश में विजय, BJP से रिश्ते पर टिका PMK का फैसला
यह गठबंधन TVK के लिए सिर्फ एक सियासी प्रयोग नहीं, बल्कि सरकार को पूर्ण स्थिरता देने की मजबूरी भी है। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में 2026 के चुनाव में विजय की पार्टी 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े से 10 सीट पीछे रह गई थी और छोटी पार्टियों के सहारे सरकार चल रही है। 18 में से 4 सीटें जीतने वाली PMK के साथ आने से सरकार बेहद मजबूत स्थिति में आ जाएगी। हालांकि इस डील की राह में सबसे बड़ा रोड़ा भारतीय जनता पार्टी (BJP) है। 2026 का चुनाव AIADMK-BJP के साथ लड़ चुकी PMK के लिए विजय के साथ हाथ मिलाने से पहले दिल्ली और एनडीए के साथ अपने रिश्तों को तय करना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।