भूटान में फटा सिंटाफू ग्लेशियर, इन दो भारतीय राज्यों पर मंडराया महाप्रलय का खतरा; सीमावर्ती जिलों में रेड अलर्ट
भूटान के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित सिंटाफू ग्लेशियर झील के अचानक फटने (GLOF) के बाद उत्तर बंगाल और असम के निचले मैदानी इलाकों में भीषण बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। गुरुवार देर रात आई इस जल प्रलय के बाद प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है और सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने जानकारी दी कि संकोश नदी और उसकी सहायक नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए नदी तटों के पास बसे ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले 5 से 6 घंटों के भीतर भारी मात्रा में पानी निचले इलाकों तक पहुंच सकता है, जिससे संभावित तबाही को रोकने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय स्वयंसेवकों को चौबीसों घंटे तैनात रहने का निर्देश दिया गया है।
हजारों नागरिकों को निकाला गया, स्कूलों में बनाए गए राहत केंद्र
खतरे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अलीपुरद्वार के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार शॉ ने बताया कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि भारतीय अधिकारी लगातार भूटानी समकक्षों के संपर्क में रहकर पानी के बहाव की निगरानी कर रहे हैं। अब तक करीब 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर स्कूल भवनों और बनाए गए राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा चुका है। राहत केंद्रों में फंसे नागरिकों के लिए सूखे राशन, पीने के पानी और बुनियादी सुविधाओं का पुख्ता बंदोबस्त किया गया है। मौके पर एसडीआरएफ (SDRF), नागरिक सुरक्षा बल और एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। हालांकि ताजा आंकड़ों के अनुसार पानी की गति में मामूली कमी दर्ज की गई है, फिर भी संकोश रिवर बेसिन में पूरी सतर्कता बरतते हुए रेड अलर्ट बरकरार रखा गया है।
पश्चिम बंगाल और असम के संवेदनशील जिलों में चौकसी
इस आपदा का सीधा असर पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग के पहाड़ी व तराई क्षेत्रों पर देखा जा रहा है, जहां नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। इसके साथ ही असम के धुबरी जिले में भी जलभराव और तटबंधों पर बढ़ते दबाव को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार दोनों राज्यों का प्रशासनिक अमला अगले कुछ घंटों तक जलस्तर की लगातार समीक्षा करेगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कदम उठाया जा सके।