भजनलाल सरकार में 7 सीनियर IAS पर गिरी गाज: 2 अफसर विदेश दौरे पर ही हुए APO, जानें पूरी इनसाइड स्टोरी

भजनलाल सरकार में 7 सीनियर IAS पर गिरी गाज: 2 अफसर विदेश दौरे पर ही हुए APO, जानें पूरी इनसाइड स्टोरी

राजस्थान की भजनलाल सरकार के लगभग 30 महीने के कार्यकाल के दौरान नौकरशाही में बड़े फेरबदल और सख्त अनुशासन का कड़ा संदेश देखने को मिला है। राज्य प्रशासनिक महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक के बाद एक 7 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को अचानक एपीओ (पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा - Awaiting Posting Orders) कर दिया गया। इस फेरबदल की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दो कद्दावर अफसरों पर तब गाज गिरी जब वे विदेश दौरे पर थे। खाद्य विभाग के पूर्व सचिव अंबरीश कुमार के बाद अब अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) शिखर अग्रवाल को भी विदेश में रहते हुए ही पद से हटा दिया गया है। सचिवालय से लेकर जिलों तक इस बात की खासी चर्चा है कि किन गंभीर वजहों से शासन ने इतने बड़े स्तर पर यह सख्त रुख अपनाया है।

विदेश में रहते हुए नपे दो बड़े अफसर

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल करीब 15 दिनों से अधिक के तय विदेशी दौरे पर थे, जो 10 नवंबर तक प्रस्तावित था। इसी बीच नई दिल्ली में उनके खिलाफ संभावित कार्रवाई से जुड़े दस्तावेजों और सीबीआई से संबंधित चर्चाओं के बीच सरकार ने उन्हें तुरंत एपीओ करने का आदेश जारी कर दिया। इससे पहले खाद्य विभाग के पूर्व सचिव अंबरीश कुमार के मामले में भी ऐसा ही वाकया सामने आया था। अंबरीश कुमार निजी कार्य से विदेश जाने के लिए कार्मिक विभाग से मंजूरी मांग रहे थे, लेकिन सक्षम स्तर से अनुमति न मिलने के बावजूद वे विदेश रवाना हो गए। इतना ही नहीं, विदेश प्रवास के दौरान कार्यालयीन फाइलें ऑनलाइन मंगाकर स्वीकृतियां जारी करने के आरोप सामने आते ही सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया था।

ऑफिस से नदारद रहना और जमीन आवंटन में गड़बड़ियां बनीं वजह

प्रशासनिक लापरवाही और कथित वित्तीय अनियमितताओं पर भी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति दिखाई। जेडीए में तत्कालीन मुख्य सचिव सुधांश पंत के औचक निरीक्षण के दौरान आईएएस नलिनी कठोतिया दफ्तर से अनुपस्थित पाई गई थीं। साथ ही 'लैंड टू लैंड' पॉलिसी के क्रियान्वयन को लेकर आई गंभीर शिकायतों के चलते उन्हें एपीओ की सूची में डाला गया। वहीं भीलवाड़ा यूआईटी के सचिव रहे आईएएस ललित गोयल को नेहरू विहार प्रोजेक्ट में जमीन आवंटन से जुड़ी गड़बड़ियों के आरोपों के चलते पद गंवाना पड़ा। भ्रष्टाचार के एक अन्य हाई-प्रोफाइल मामले में दूदू के तत्कालीन जिला कलेक्टर हनुमानमल ढाका पर भूमि रूपांतरण के बदले 25 लाख रुपये रिश्वत मांगने के संगीन आरोप लगे, जिसके बाद सरकार ने उन्हें कलेक्टर पद से हटाकर एपीओ किया।

पीएम के कार्यक्रम में तकनीकी चूक और संभागीय आयुक्त पर एक्शन

सितंबर 2025 में बांसवाड़ा के नपला में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में किसानों से संवाद के दौरान करीब 10 मिनट तक वीडियो प्रसारण बाधित रहा था। तकनीकी खामी के कारण मंच की स्क्रीन बंद होने से उपजे विवाद के बाद सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DOIT) की तत्कालीन सचिव आईएएस अर्चना सिंह को जिम्मेदारी में लापरवाही के चलते एपीओ कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त कोटा के पूर्व संभागीय आयुक्त राजेंद्र विजय को भी अचानक एपीओ किए जाने के प्रशासनिक फैसले ने सबको चौंका दिया था।