यूरोप के इस पराक्रमी राजा ने भारत में कदम रखते ही दिया 100 बिलियन डॉलर का ऐतिहासिक तोहफा

यूरोप के इस पराक्रमी राजा ने भारत में कदम रखते ही दिया 100 बिलियन डॉलर का ऐतिहासिक तोहफा

ग्लोबल कूटनीति और अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भारत ने एक और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। यूरोप के प्रमुख एवं समृद्ध देश स्पेन के राजा फेलिपे VI (Felipe VI) ने अपनी बहुप्रतीक्षित भारत यात्रा के दौरान कदम रखते ही देश को 100 बिलियन डॉलर के विशाल निवेश समझौते का अनूठा तोहफा दे दिया है। नई दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उनके औपचारिक आगमन के बाद से ही राजनयिक हलकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पेनिश सम्राट के बीच हुई उच्चस्तरीय शिखर वार्ता ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई रणनीतिक ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। यूरोपीय महाद्वीप के किसी शीर्ष राष्ट्र प्रमुख द्वारा भारत की धरती पर दिया गया यह अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक पैकेज माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक समझौते का सीधा असर न केवल भारत की विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षमता पर पड़ेगा, बल्कि इससे देश में लाखों नए रोजगार के अवसरों का सृजन भी होगा, जिससे भारत की आर्थिक वृद्धि दर को एक नई और तेज रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है।

100 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक निवेश की रूपरेखा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत के दावों को मिला स्पेन का खुलकर समर्थन!

इस बहुचर्चित शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के बीच कई रक्षा, तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) और बुनियादी ढांचा (Infrastructure) से जुड़े कई अहम करारों पर हस्ताक्षर किए गए। स्पेन की अग्रणी कंपनियों ने भारत के मेक इन इंडिया और सेमीकंडक्टर मिशन में भारी रुचि दिखाते हुए 100 बिलियन डॉलर के दीर्घकालिक निवेश पैकेज की घोषणा की है। इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen), हाई-स्पीड रेल नेटवर्क, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और उन्नत एयरोस्पेस विनिर्माण क्षेत्र में लगाया जाएगा। स्पेनिश सम्राट ने भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार और नवाचार की तारीफ करते हुए कहा कि भारत वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। इसके साथ ही, रक्षा सहयोग को मजबूत करते हुए दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास और एडवांस्ड मिलिट्री इक्विपमेंट के सह-उत्पादन पर भी सहमति व्यक्त की है।

आर्थिक मोर्चे पर दी गई इस विशाल सौगात से भी बड़ा मोड़ तब आया जब स्पेनिश राजा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधारों और भारत की स्थाई सदस्यता के दावे का सार्वजनिक रूप से पूर्ण समर्थन किया। स्पेन ने वैश्विक मंच पर खुलकर यह बात स्वीकार की कि 21वीं सदी की बहुध्रुवीय दुनिया में भारत के बिना संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद अधूरी और अप्रासंगिक है। स्पेनिश विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उनका देश संयुक्त राष्ट्र के मंचों पर भारत को वीटो पावर के साथ स्थाई सीट दिलाने के लिए यूरोपीय संघ (EU) के अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर पैरवी करेगा। इस कूटनीतिक जीत से पाकिस्तान और चीन जैसे देशों की रणनीतिक घेराबंदी को बड़ा झटका लगा है, जबकि वैश्विक मामलों में भारत का प्रभाव और अधिक मजबूत होकर उभरा है।